आय से अधिक संपत्ति मामले में लंबे समय से निलंबित चल रहे आईपीएस, जीपी सिंह को केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। राज्य सरकार ने जीपी सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की सिफारिश की थी।
आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो रायपुर में अनुपातहीन संपत्ति, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम एवं धारा 201, 467, 471 के आरोप में आईपीएस जीपी सिंह का प्रकरण दर्ज है। हालांकि कुछ महीने जेल में बिताने के बाद जीपी सिंह को जमानत मिल गई थी लेकिन अब उनकी सेवा समाप्ति के आदेश जारी किए गए हैं। केंद्र से इस संदर्भ में राज्य के गृह विभाग के पास आदेश पहुंच गया है।
राज्य ने पहले भी चार अन्य आईपीएस अधिकारियों के साथ-साथ जीपी सिंह को बर्खास्त करने की अनुशंसा भेजी थी, तब केंद्र ने राज्य की अनुशंसा को खारिज कर दिया था।
उल्लेखनीय है कि 1 जुलाई 2021 की सुबह एसीबी-ईओडब्ल्यू की टीमों ने रायपुर, राजनांदगांव और ओडिशा में जीपी सिंह के सहयोगियों समेत उनके सभी ठिकानों पर एक साथ छापा मारा था जिसमें पांच करोड़ की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था। छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज भी मिले थे, इसी के आधार पर रायपुर कोतवाली में निलंबित आईपीएस जीपी सिंह पर राजद्रोह का मामला दर्ज हुआ था। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
