गुवाहाटी, 10 जुलाई । यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के परेश बरुवा नेतृत्वाधीन स्वाधीन (स्व) धड़े द्वारा ऊपरी असम के चाय बागानों के मालिकों को उगाही के लिए पत्र भेजा है। इसे लेकर ऊपरी असम में हड़कंप मचा हुआ है।
आज असम पुलिस द्वारा आधिकारिक तौर पर मीडिया को दी गयी जानकारी के दौरान इस आशय की पुष्टि की गई कि ऊपरी असम के चाय बागानों से यह धन उगाही की मांग डिजिटल माध्यम से पत्र लिखकर तथा फोन करके बीते कुछ दिनों से की जा रही है। पत्र उल्फा (स्व) नयन असम के हस्ताक्षर से जारी किया गया है।
जानकारी के अनुसार टिमोन चाय बागान के प्रबंध निदेशक मनोज गोगोई से 72 लाख रुपये की मांग की गई है जबकि पूर्व विधायक नवनीता हैंडिक के स्वामित्व वाली हैंडिक चाय बागान से 72 लाख, स्मृति चाय बागान से 60 लाख, विमलापुर चाय बागान से एक करोड़ आठ लाख रुपये उल्फा (स्व) द्वारा मांगे गए हैं। बताया जाता है कि 12 लाख रुपये प्रति वर्ष की दर से इन चाय बागानों से मांगा जा रहा है।
असम पुलिस के संवाददाता सम्मेलन के दौरान बताया गया कि पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में जगह-जगह चेकपोस्ट लगाई गई हैं। चाय बागान इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। विभिन्न प्रकार से उल्फा (स्व) कैडरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि अपना अस्तित्व दिखाने के लिए उल्फा (स्व) द्वारा धन की मांग की जा रही है। असल में उल्फा (स्व) का कोई खास वजूद अब नहीं है।
पुलिस के दावों के बावजूद चाय बागान मालिक उल्फा (स्व) के भय से भूमिगत हो चुके हैं। पुलिस इन बागान मालिकों को सुरक्षा के प्रति अब तक पूरी तरह से आश्वस्त नहीं कर पाई है।
