नई दिल्ली, 04 जुलाई । शंघाई सहयोग संगठन (एससीयू) की शिखर वार्ता भारत की अध्यक्षता में मंगलवार को वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई। इस दौरान नेताओं ने सहयोग से जुड़ी दो संयुक्त घोषणाओं पर हस्ताक्षर किए। इसमें कट्टरता का मुकाबला करने और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सहयोग शामिल है।
मध्य एशियाई देशों, रूस, चीन, पाकिस्तान, भारत और ईरान के शीर्ष नेताओं ने आज इस शिखर सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
शिखर वार्ता के बाद विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने जानकारी दी कि निष्कर्ष के तौर पर नेताओं ने न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन और दो विषय अनुसार वक्तव्य अपनाएं। एक आतंकवाद, चरमपंथ और अलगाववाद की ओर ले जाने वाली कट्टरता से निपटने में सहयोग और दूसरा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सहयोग।
उन्होंने कहा कि सभी नेताओं ने ईरान के संगठन में शामिल होने की प्रक्रिया के पूरे होने का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से राष्ट्रपति रईसी को शुभकामनाएं दी। साथ ही संगठन में बेलारूस को शामिल करने के लिए मेमोरेंडम ऑफ ऑब्लिगेशन पर हस्ताक्षर हुए। यह प्रक्रिया 2024 में होने वाले शिखर सम्मेलन तक पूरी हो जाएगी।
विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने शिखर सम्मेलन में भारत के पिछले 6 सालों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने साथ मिलकर काम करने के महत्व को रेखांकित किया। साथ ही आतंकवाद को क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर मिलकर समाप्त करने की दिशा में काम करने के महत्व को रेखांकित किया।
विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री ने इस बात को रेखांकित किया कि आतंकवाद से लड़ाई एससीओ का हमेशा केंद्रीय लक्ष्य रहेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने एससीओ में भारत के सहयोग विशेषकर पिछले 6 सालों में एक सदस्य होने के नाते का उल्लेख किया। इसके अलावा सहयोग के नए क्षेत्रों को भी जिक्र किया।
