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मप्र में जेएमबी के आतंकी बांट रहे थे जिहादी साहित्य, एटीएस की पूछताछ में हुआ खुलासा

Date : 03-Jun-2023

 भोपाल, 3 जून । मध्य प्रदेश में आईएसआईएस, जेएमबी, एचयूटी जैसे तमाम इस्लामिक आतंकवाद एवं चरमपंथियों के विभिन्न संगठनों से जुड़े एक के बाद एक नए खुलासे हो रहे हैं। इसी में इनकी एक नई करतूत सामने आई है। राज्य की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि भोपाल में पकड़े गए जमात-उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के आतंकी नाम बदलकर भारत में घुसे। ये मदरसों में जिहादी साहित्य बांटते थे, ताकि मध्य प्रदेश में मुसलमानों के बीच बड़ा असंतोष पैदा कर किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम दिया जा सके।

मस्जिदों-मदरसों में बांटा जा रहा था जिहादी साहित्यः

भारत के खिलाफ असंतोष पैदा कर देने वाला यह जिहादी साहित्य भोपाल के करोंद इलाके में छपता था, फिर यहीं एक मकान में इसकी बाइंडिंग की जाती थी। इसके बाद इसे बांटा जाता था। इन किताबों में भारत के खिलाफ मुसलमानों के बीच असंतोष पैदा हो, ऐसी अनेक बातें लिखी हैं। यहीं से विभिन्न मस्जिदों और मदरसों में बांटने के लिए इसे भेज दिया जाता था। यह खुलासा विदिशा के ग्यासपुर के रहने वाले शाहवान खान (24) ने अब एटीएस और एनआईए की कड़ी पूछताछ में किया है। साथ ही आतंकवाद निरोधक दस्ता ने वह भड़काऊ साहित्य भी बरामद कर लिया है ।

बांग्लादेश से चार आतंकी आकर रह रहे थे भोपाल मेंः

उल्लेखनीय है पिछले साल 13 मार्च को इस बात की सूचना मुखबिर द्वारा दी गई कि राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में स्थित फातिमा बी मस्जिद के पास संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। मुखबिर ने यह भी बताया कि यहां की गली नंबर चार में बांग्लादेश से गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर चार युवक आए हैं, जो फर्जी नाम से रह रहे हैं। ये सभी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) से जुड़े हुए हैं।

मुखबिर से मिली इस सूचना के आधार पर मध्य प्रदेश एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने ऐशबाग क्षेत्र में बताए गए मकान में दबिश दी थी। जहां से पुलिस ने चार बांग्लादेशी युवकों को गिरफ्तार किया, जो इस घर के दो कमरों में रह रहे थे । इनके पास से बहुत कुछ आपत्तिजनक मिला। जिहादी साहित्य यहां मौजूद था, जो किसी भी भोले भाले इंसान का ब्रेनवॉश कर सकने में सक्षम था। एटीएस ने जब इनसे सख्ती के साथ पूछताछ की तो इन्होंने जेएमबी के लिए काम करना कबूल किया।



पूछताछ में पता चला है कि इनके और भी कई साथी हैं, जो देश के अन्य हिस्सों में फैले हुए हैं। एसटीएस व एसटीएफ ने ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई करते हुए जेएमबी के चार अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया। एक को यूपी के सहारनपुर स्थित देवबंद से गिरफ्तार किया गया जो वहां पर फर्जी आधार कार्ड पर रहकर जेएमबी के लिए काम कर रहा था। इस तरह से एटीएस और एसटीएफ ने आतंक विरोधी संयुक्त अभियान चलाकर मोहम्मद अकील अहमद शेख, फजर अली, वलीउल्लाह, हमीदुल्लाह, मोहम्मद शहादत हुसैन उर्फ अबिदुल्लाह, अब्दुल करीम, जैनउल आबिदीन, शाहवान खान, तलहा तालुकदार और अली असगर को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की ।

एनआईए के पास जांच जाने के बाद भोपाल के इस आतंकी मामले में जेएमबी से जुड़े नौ आतंकियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें एक आतंकी हमीदुल्लाह उर्फ राजू गाजी उर्फ मुफ्फकिर उर्फ सामिद अली मियां उर्फ तल्हा निवासी ग्राम पचानी, जिला नारायणगंज, ढाका, बांग्लादेश और मोहम्मद सहादत हुसैन उर्फ अबीदुल्लाह निवासी गांव पोखिरा, जिला मदारीपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई है। इनमें गिरफ्तार आरोपित हमीदुल्लाह उर्फ राजू गाजी और मोहम्मद सहादत हुसैन उर्फ अबीदुल्लाह बड़े इस्लामिक कट्टरपंथी हैं।

फिलहाल एनआईए इस मामले में अपनी तरफ से गहन जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि देश के किन-किन राज्यों में कहा-कहां जेएमबी के स्लीपर सेल सक्रिय हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल 30 सितम्बर को भोपाल में जेएमबी से ही जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था । इन्हें पकड़ने कोलकाता से एसटीएफ की टीम भोपाल पहुंची थी। उसके बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कोलकाता एसटीएफ से जानकारी लगी कि हावड़ा में कोलकाता पुलिस ने अलकायदा से जुड़े दो संदिग्ध आतंकियों गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद मालूम हुआ कि उनके दो साथी भोपाल में हैं । इसके बाद कोलकाता एसटीएफ ने यह कार्रवाई की है।

इनके बारे में मप्र के तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया भी था कि सूबे से आतंकी संगठन जेएमबी के गिरफ्तार किए गए दो आतंकियों को पश्चिम बंगाल पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर अपने साथ ले गई है। जिस तरह से जेएमबी जैसे आतंकी संगठन यहां अपनी पैठ बढ़ाने में लगे हुए हैं, इसे देखते हुए मध्य प्रदेश आतंकी संगठनों के सॉफ्ट टार्गेट पर है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।


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