कोलकाता, 17 मई । कलकत्ता हाई कोर्ट की जस्टिस अमृता जस्टिस सिन्हा की एकल पीठ आज (बुधवार) पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित शिक्षक नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में अहम फैसला सुनाएगी। यह फैसला तय करेगा कि इस केस में अभिषेक बनर्जी और गिरफ्तार आरोपित को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ होगी या नहीं।
एकल पीठ इस मामले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस के निष्कासित नेता कुंतल घोष की चिट्ठी के सिलसिले में अभिषेक बनर्जी पर फैसला सुनाएगी। कुंतल ने डिस्ट्रिक्ट जज और कोलकाता पुलिस को लिखे पत्र में दावा किया था कि केंद्रीय एजेंसी पूछताछ के दौरान उस पर अभिषेक बनर्जी का नाम इस मामले के सिलसिले में लेने के लिए दबाव बना रही हैं।
इस पर केंद्रीय एजेंसी ने जस्टिस अभिजीत गांगुली की एकल पीठ में याचिका दायर कर दावा किया था कि पत्र में उसे बदनाम करने के लिए निराधार बातें की गई हैं। कुंतल ने पत्र में यह दावा तब किया था जब एक दिन पहले अभिषेक ने कोलकाता की जनसभा में दावा किया था कि सारदा मामले में उनका नाम लेने के लिए केंद्रीय एजेंसी ने अन्य नेताओं पर दबाव बनाया था।
इसके बाद जस्टिस गांगुली ने अभिषेक और घोष को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने का आदेश दिया था। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया। इसके बाद सुनवाई अमृता सिन्हा की एकल पीठ को ट्रांसफर कर दी गई।
जस्टिस अमृता सिन्हा सुनवाई में साफ कर चुकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने केवल मामले को ट्रांसफर करने का आदेश दिया है न कि आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने पर रोक लगाई है। केंद्रीय एजेंसी पूछताछ कर सकती है। उन्होंने अभिषेक को जांच में सहयोग करने की नसीहत दी थी। तब अभिषेक ने एक पत्र लिखकर इस मामले से खुद को अलग करने की मांग की। एकल पीठ में इस मामले में सोमवार देरशाम सुनवाई पूरी हुई थी। फैसला आज सुनाया जाएगा।
