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मुख्यमंत्री बीरेन ने मणिपुर में कुकी बहुल क्षेत्रों के लिए अलग स्वायत्त प्रशासन की मांग को किया खारिज

Date : 16-May-2023

 नई दिल्ली/इंफाल, 16 मई । मुख्यमंत्री नोंगथंबम बिरेन सिंह ने मणिपुर के कुकी बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग स्वायत्त प्रशासन की मांग को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में हुई सांप्रदायिक झड़पों से राज्य की एकता और अखंडता प्रभावित नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रदेश की एकता और अखंडता को हर कीमत पर कायम रखा जाएगा।

राज्य के सात भाजपा सहित 10 विधायकों ने "मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए कुकी बहुल क्षेत्रों के लिए एक अलग सरकार के गठन की व्यवस्था करने का वादा किया था।" उनकी मांग को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मणिपुर ही नहीं बल्कि उत्तर-पूर्व में कुकी बहुल इलाकों के लिए अलग सरकार का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव से सहमत होना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेगी। इसकी चिंता किसी को नहीं करनी चाहिए।

ज्ञात हो कि मणिपुर के चिन-कुकी-मिज़ो-ज़ोमी समूह के दस जनजातीय विधायकों ने मैतेई और आदिवासियों के बीच हाल ही में हुए हिंसक संघर्ष के बाद अपने क्षेत्र में 'अलग प्रशासन' प्रदान करने के लिए केंद्र के सामने याचिका दायर की है। मुख्यमंत्री बीरेन ने इन तमाम मुद्दों और राज्य की मौजूदा स्थिति से अवगत कराने के लिए दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।

यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं कि जिन उग्रवादियों ने 'ऑपरेशन के निलंबन' समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, वे अपने निर्धारित शिविरों में लौट जाएं, उसके लिए कदम उठाए गये हैं। हिंसा में कुकी उग्रवादियों की संलिप्तता के बारे में एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि सेना और अन्य सुरक्षाकर्मी कुकी उग्रवादियों के नामित शिविरों का दौरा कर रहे हैं, जिन्होंने 'सस्पेशन आफ ऑपरेशन' पर हस्ताक्षर किया है। उन सभी कैंपों की जांच की जा रही है कि कुकी उग्रवादी मौजूद हैं या नहीं।

मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि इस महीने की शुरुआत में बहुसंख्यक मैतेई और कुकी के बीच सांप्रदायिक गड़बड़ी के बाद राज्य में संवेदनशील स्थिति को देखते हुए 'धरना' या रैलियां न करें। उन्होंने आगे कहा कि हिंसा के बाद राज्य के राजमार्गों पर कुछ संगठनों द्वारा आयोजित नाकेबंदी को विफल करने के लिए किसी भी बल का प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके बजाय, प्रदर्शनकारियों के साथ तर्कसंगत चर्चा करने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि मणिपुर की क्षेत्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की देखरेख में सस्पेशन आफ आपरेशन (एसओओ) पर हस्ताक्षर करने वाले समूहों को वापस उनके शिविरों में लाने और राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के प्रयासों को तेज करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

बीरेन सिंह ने कहा कि वह और उनके मंत्री दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री शाह को राज्य की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया है। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को हालिया हिंसक घटनाओं में हथियारबंद आतंकियों के शामिल होने की भी जानकारी दी।

राज्य के कुकी बहुल इलाकों के लिए दस विधायकों की अलग सरकार की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने जोर देकर कहा, ''मणिपुर की अखंडता को कोई खतरा नहीं है।''

उन्होंने कहा कि हिंसा में कई निर्दोष लोग मारे गए हैं, कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। हमने प्राथमिकता के आधार पर पीड़ितों के पुनर्वास की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का पहला उद्देश्य राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को हिंसा के कारण घर छोड़कर भागे लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।


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