दिल्ली, 13 मई । केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी ने लोधी रोड स्थित स्कोप कांप्लेक्स में हज-2023 के प्रतिनियुक्तियों के लिए दो दिवसीय ओरिएंटेशन एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया है। इस कार्यक्रम में हज यात्रियों की सेवा के लिए सऊदी अरब जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों, सेना और अर्धसैनिक बलों, प्रशासनिक अधिकारियों समेत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस मौके पर हज गाइडलाइन का भी विमोचन किया गया।
उद्घाटन के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने बताया कि इस बार बड़ी संख्या में महिला सरकारी कर्मचारी को सऊदी अरब हज यात्रियों की सेवा के लिए भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि हज यात्रा के इतिहास में ऐसा पहली बार किया जा रहा है। इस वर्ष भारत से 175000 हज यात्री जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं। इसमें से 140000 हज यात्री हज कमेटी के माध्यम से जबकि बाकी प्राइवेट टूर ऑपरेटरों के माध्यम से हज यात्रा पर जाएंगे।
हज यात्रियों को यात्रा के दौरान सऊदी अरब में किसी भी तरह की कोई मुश्किल और परेशानी का सामना न करना पड़े, इसलिए देश के विभिन्न हिस्सों से 173 व्यक्तियों पर आधारित स्वास्थ्य कर्मियों का दल और 129 एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारियों का दल वहां पर भेजा जा रहा है। इसी तरह 450 लोगों पर आधारित खुद्दाम (सेवादारों) का एक दल भी भारत से रवाना किया जाएगा जिसमें 129 महिला कर्मियों का चुनाव किया गया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मीडिया कर्मियों के सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि इस बार इंबारकेशन पॉइंट के हिसाब से नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हज यात्रा के लिए किराया तय किया है। यह किराया कितना है, इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। उनका कहना है कि हज यात्रियों ने जहां से भी यात्रा पर जाने की इच्छा जताई है, उस हिसाब से एयरलाइंस ने अपनी सेवाएं देने की तैयारी की है।
