नई दिल्ली, 29 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरकर शहीद हुए मिराज-2000 के पायलट विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी के पार्थिव शरीर का रविवार को कर्नाटक में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनका पार्थिव शरीर वायु सेना के विशेष विमान से बेलगावी लाकर गणेशपुर स्थित उनके घर ले जाया गया। फाइटर प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी के आवास पर मातम छाया हुआ है। वायु सेना ने सुखोई-30 और मिराज-2000 के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर हवाई ठिकाने से उड़ान भरने वाले लड़ाकू विमान सुखोई-30 और मिराज-2000 शनिवार को सुबह दुर्घटनाग्रस्त हो गये। दुर्घटना के दौरान सुखोई-30 में दो पायलट थे, जिन्होंने समय रहते विमान से इजेक्ट कर लिया था। एयरफोर्स ने हेलीकॉप्टर के जरिए घटनास्थल पर पहुंचकर दोनों पायलटों का रेस्क्यू कर लिया, लेकिन गंभीर रूप से चोटिल होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दुर्घटना के बाद सुखोई विमान का मलबा मध्य प्रदेश में मुरैना के पहाड़गढ़ में गिरा है। वायु सेना का लड़ाकू विमान मिराज-2000 विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी उड़ा रहे थे। हवा में दुर्घटनाग्रस्त लड़ाकू विमान मिराज-2000 आग का गोला बनता हुआ राजस्थान के भरतपुर जिले के पींगोरा गांव में गिरा।
मिराज-2000 उड़ा रहे पायलट हनुमंत राव सारथी समय रहते इजेक्ट नहीं कर पाए, इसलिए वह शहीद हो गए। भारतीय वायुसेना ने शनिवार को सुबह दुर्घटनाग्रस्त हुए सुखोई-30 और मिराज-2000 के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दिए हैं। इस हादसे की अधिक जानकारी कोर्ट ऑफ इंक्वायरी में सामने आएगी। दुर्घटना के बाद एयरफोर्स ने इस हादसे को लेकर जारी बयान में कहा, 'यह बताते हुए बेहद खेद हो रहा है कि विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी दुर्घटना के दौरान घातक चोटें आने से शहीद हुए हैं। शोक संतप्त परिवार के साथ सभी वायु योद्धा बिरादरी मजबूती से खड़ी है।
विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी का पार्थिव शरीर रविवार को सुबह वायु सेना के विशेष विमान से बेलगावी लाया गया। हनुमंत राव सारथी के पार्थिव शरीर को वायुसेना के एक विशेष विमान से बेलगावी लाया गया और बाद में गणेशपुर स्थित उनके घर ले जाया गया।उनके परिवार को इस हादसे की जानकारी शनिवार को ही बेलगाम वायु सेना के अधिकारियों ने दी थी। उनके दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर पहुंची, तो उनके शहर में मातम पसर गया। विंग कमांडर सारथी के आवास पर भी परिजनों के बीच मातम छाया हुआ है। उनके अचानक निधन से उनके परिजन व रिश्तेदार में काफी शोक है।
विंग कमांडर हनुमंत राव सारथी के परिवार में सभी रक्षा पृष्ठभूमि से ही आते हैं। विंग कमांडर सारथी की उम्र 35 साल है। विंग कमांडर के परिवार में उनकी पत्नी, तीन साल की बेटी और एक साल का बेटा है। ग्वालियर में वायु सेना के टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टेब्लिशमेंट में मिराज-2000 लड़ाकू विमान पायलट और प्रशिक्षक हनुमंत राव कर्नाटक के बेलगाम के मूल निवासी थे। उनके पिता रेवनसिद्दप्पा ने भी भारतीय सेना में कैप्टन के रूप में काम किया और वर्तमान में वह सेना से सेवानिवृत्त हैं। हनुमंत राव के भाई प्रवीण सारथी भी भारतीय वायुसेना में ग्रुप कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं।
