जोशीमठ, 16 जनवरी (हि.स.)। श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष ने आज जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर समेत आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया और प्रभावितों से मुलाकात की। बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नृसिंह मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित है।
रविवार शाम जोशीमठ पहुंचे अजेंद्र ने आज सुबह सबसे पहले नृसिंह मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर अधिकारियों के साथ मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर परिसर स्थित बीकेटीसी के खजाने का निरीक्षण भी किया और खजाने के सुरक्षा के इंतजामों को भी परखा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में यदि मंदिर परिसर में किसी प्रकार से भू -धंसाव की समस्या पैदा होती है तो खजाने को शिफ्ट करने के लिए वैकल्पिक उपाय सुनिश्चित कर लें।
अजेंद्र ने आपदा प्रभावित सुनील, मनोहर बाग, सिंहधार आदि का भी भ्रमण किया। उन्होंने बीकेटीसी केसंचालित वेद वेदांग महाविद्यालय में प्रभावितों के लिए स्थापित किए गए राहत शिविर का भी दौरा किया। वेद वेदांग महाविद्यालय में आज से प्रभावितों के लिए भोजन की व्यवस्था शुरू की गई। अजेंद्र ने शिविर में ही प्रभावितों के साथ भोजन कर उसकी गुणवत्ता भी परखी।
प्रभावित से मुलाकात और बाद में मीडियाकर्मियों से बातचीत में बीकेटीसी अध्यक्ष अजेंद्र ने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार जोशीमठ आपदा के प्रभावितों के प्रति पूरी तरह से संवेदनशील बनी हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अब तक दो बार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि जोशीमठ में हो रहे भू -धंसाव की समस्या के कारण और उसके समाधान के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार की करीब बारह शीर्ष वैज्ञानिक संस्थाएं यहां जुटी हुई हैं। प्रदेश सरकार जोशीमठ के प्रभावितों के विस्थापन और पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रभावितों के बीच जाकर दुष्प्रचार और भ्रांतियां फैला रहे हैं।
बीकेटीसी अध्यक्ष के साथ भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री के को-आर्डिनेटर दलवीर दानू, नगर पालिका सभासदअमित सती, निवर्तमान धर्माधिकारी आचार्य भुवन चंद्र उनियाल, भाजपा नेता ऋषि प्रसाद सती, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजया रावत, नगर महामंत्री प्रवेश डिमरी व नीतीश चौहान, जयंती प्रसाद कुर्मांचली, मंदिर समिति के अधिशाषी अभियंता अनिल ध्यानी, अवर अभियंता गिरीश रावत आदि साथ रहे।
