पाकिस्तानी अखबारों सेः 9 मई को हुई व्यापक हिंसा के जिम्मेदारों को कटघरे में लाने की सेना की वार्निंग को प्रमुखता | The Voice TV

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पाकिस्तानी अखबारों सेः 9 मई को हुई व्यापक हिंसा के जिम्मेदारों को कटघरे में लाने की सेना की वार्निंग को प्रमुखता

Date : 18-May-2023

 नई दिल्ली, 17 मई । पाकिस्तान से गुरुवार को प्रकाशित ज्यादातर अखबारों ने सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर के जरिए 9 मई की घटना के गुनाहगारों को इंसाफ के कटघरे में लाने की चेतावनी को प्रमुखता से प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा है कि 9 मई को सेना का अपमान करने वाले नहीं बचेंगे। शहीदों का उच्च स्थान है, हाल की घटना दोबारा किसी भी कीमत पर दोहराने नहीं देंगे। शहीद हमारे माथे का झूमर हैं, उनकी कुर्बानियों को इज्जत की निगाह से देखते हैं।

इसी मामले पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के ट्वीट को भी अखबारों ने आर्मी चीफ के बयान के साथ जोड़कर प्रकाशित किया है। उन्होंने कहा कि बागी हमले की जड़ें इमरान के भाषणों में छुपी हुई हैं। सेना और वर्तमान सेनाध्यक्ष को लगातार बदनाम किया गया और राजनीतिक आंदोलन को धार्मिक रंग देने की कोशिश की।

दूसरी तरफ कुछ समाचारपत्रों ने पंजाब सरकार के जरिए ज़मां पार्क में छिपे दंगाइयों को आत्मसमर्पण करने की वार्निंग दिए जाने संबंधी खबरों को भी तरजीह दी है। सरकार ने दोपहर 2 बजे का उन्हें सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया है। सूचना प्रसारण मंत्री का कहना है कि 40 से अधिक दंगाई ज़मां पार्क में मौजूद हैं। अब उन्होंने कानून हाथ में लिया तो फव्वाद चौधरी से तेज दौड़ लगानी पड़ेगी।

इसपर पीटीआई चेयरमैन इमरान खान का कहना है कि पुलिस ने उनके घर की घेराबंदी कर रखी है, एकबार फिर उन्हें गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। उनका कहना है कि वारंट लेकर आएं, घर की तलाशी देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा है कि अभी भी वक्त है, बैठ कर बात करें। हमारे 25 लोग मारे गए हैं और 700 लोग जख्मी बताए जा रहे हैं और इससे अधिक लोगों को गिरफ्तार कर रखा गया है।

इसके साथ ही कुछ अखबारों ने राष्ट्रपति आरिफ अलवी का भी एक बयान छापा जिसमें उन्होंने कहा कि कोई भी राजनीतिक दल पाकिस्तान विरोधी नहीं है। सभी से गुजारिश है कि मौजूदा स्थिति का हल तलाश करें।

9 मई की घटना के बाद पीटीआई में दरार पड़ने की खबरें देते हुए अखबारों ने बताया कि कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है और पार्टी आला नेतृत्व को इसकी जानकारी भी दी है।

अखबारों ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रोड-टू-मक्का समझौते पर हस्ताक्षर होने की खबरें दी हैं। अखबारों ने पाकिस्तान से 860 व्यक्तियों पर आधारित 142 परिवारों के अफगानिस्तान वापस चले जाने की खबरें भी दी हैं।

अंतरराष्ट्रीय खबरों में अफगानिस्तान के सुप्रीम लीडर मुल्ला हैबतउल्ला के जरिए वर्तमान प्रधानमंत्री मुल्ला मोहम्मद हसन अखवंद को प्रधानमंत्री के पद से हटाकर मौलवी अब्दुल कबीर को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने की खबरें भी दी हैं। इसके अलावा अखबारों ने हुर्रियत कांफ्रेंस के जरिए कश्मीर में आयोजित होने वाले जी-20 सम्मेलन के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र संघ कार्यालय के बाहर धरना देने का फैसला किए जाने की खबरें दी हैं। जमात-ए-इस्लामी पाकिस्तान के अध्यक्ष सिराजुल हक ने श्रीनगर में आयोजित होने वाले जी-20 सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है।

सरहद इस पार की खबरों में जम्मू-कश्मीर में अल आलिम ट्रस्ट को सील किए जाने की खबर छाई रही। इसमें बताया गया है कि मदरसे में दर्जन भर से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित की हैं।


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