काठमांडू, 24 अप्रैल (हि.स.)। नेपाल में सत्तारूढ़ गठबंधन और प्रमुख विपक्षी सीपीएन (यूएमएल) के बीच संसदीय समितियों के आवंटन पर एक सहमति बनी हैं। सोमवार को प्रमुख प्रशासनिक केंद्र सिंह दरबार में हुई मुख्य पार्टियों के शीर्ष नेताओं की बैठक में यह सहमति बनी।
संसदीय समिति का गठन नहीं होने के कारण से नेपाल की संसद काम नहीं कर पा रही थी और कानून बनाने की भूमिका नहीं निभा पा रही थी। लंबे प्रयासों और विचार-विमर्श के बाद उम्मीद की जा रही है कि समिति के आवंटन पर नेताओं के बीच सहमति बनने के बाद संसद फिर से शुरू होगी।
कांग्रेस नेता रमेश लेखक ने कहा कि आवंटन के अनुसार
इस बात पर सहमति बनी है कि संसद की 10 समितियों में से 3 की अध्यक्षता यूएमएल करेगी और शेष 7 समितियों को सत्तारूढ़ गठबंधन के घटक दलों में विभाजित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ सीपीएन (यूएस) के मुख्य सचेतक हित राज पांडे, नेपाली कांग्रेस के सभापति शेर बहादुर देउबा, उसी पार्टी के मुख्य सचेतक रमेश लेखक और यूएमएल अध्यक्ष केपी शर्मा ओली, संसदीय दल के उप नेता सुबास नेमवांग, मुख्य सचेतक पदम गिरि ने बैठक में भाग लिया।
आज की बैठक से नेताओं ने दस साल से चल रहे माओवादी संघर्ष से जुड़े आयोग के विधेयक को एक विशेष समिति में ले जाने पर सहमति जताई है। उक्त समिति द्वारा चर्चा कर संसद में ले जाने के बाद सत्य निरूपण एवं सुलह आयोग के संबंध में कानून बनाया जाएगा।
