स्लोवेनिया में भूरे भालुओं की बढ़ती आबादी अब मानव जीवन के लिए खतरा बनती जा रही है। देशभर में मानव-भालू मुठभेड़ों की संख्या में इज़ाफा हुआ है, जिनमें हमले भी शामिल हैं। इसी के मद्देनज़र लगभग 4,200 नागरिकों ने एक याचिका पर हस्ताक्षर कर सरकार से तत्काल और सख्त कदम उठाने की मांग की है।
याचिका में विशेष रूप से प्राकृतिक संसाधन एवं स्थानिक नियोजन मंत्रालय से अनुरोध किया गया है कि वह 2025-2026 के लिए तय 206 भालुओं के शिकार कोटे को संशोधित करे और इस कोटे को 2024 के अंत तक पूरा करने की अनुमति दे। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि आबादी पर नियंत्रण नहीं किया गया तो यह ग्रामीण क्षेत्रों में मानव सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
यह याचिका राकित्ना गाँव में शुरू की गई, जो राजधानी ल्युब्लियाना से लगभग 25 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। यहाँ के निवासियों ने बार-बार भालुओं के दिखाई देने की शिकायत की है—विशेषकर जब वे कूड़ेदानों में भोजन खोजते पाए जाते हैं। इसी तरह की घटनाएँ अब देश के अन्य हिस्सों में भी सामने आ रही हैं।
सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा है कि वह भालुओं की संख्या को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत बदलाव करे, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम किया जा सके और नागरिकों को सुरक्षित महसूस कराया जा सके।
