भारत ने अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच उभरती स्थिति पर गहरी नजर रखते हुए पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने की कड़ी निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि यह सर्वविदित है कि पाकिस्तान आतंकवादी संगठनों को पनाह देता है और आतंकवादी गतिविधियों को प्रायोजित करता है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह पुरानी रणनीति रही है कि वह अपनी आंतरिक विफलताओं का दोष अपने पड़ोसियों पर मढ़ता है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान द्वारा अपनी संप्रभुता के प्रयोग से नाराज़ है, जबकि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता के लिए पूर्ण समर्थन रखता है।
काबुल में भारतीय मिशन को दूतावास में बदले जाने की तैयारी
काबुल स्थित भारतीय मिशन के बारे में जानकारी देते हुए श्री जायसवाल ने बताया कि भारत का तकनीकी मिशन जून 2022 से वहां कार्यरत है और अगले कुछ दिनों में इसे औपचारिक दूतावास में परिवर्तित किया जाएगा।
ब्रिटेन द्वारा लगाए गए प्रतिबंध और ऊर्जा नीति पर भारत का रुख
ब्रिटेन द्वारा नायरा एनर्जी पर लगाए गए हालिया प्रतिबंधों पर पूछे गए सवाल के जवाब में प्रवक्ता ने कहा कि भारत किसी भी एकतरफा प्रतिबंध का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा कि भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सर्वोपरि है ताकि देश के नागरिकों की बुनियादी आवश्यकताएं पूरी की जा सकें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय कंपनियाँ वैश्विक बाजार की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए दुनिया भर से ऊर्जा स्रोतों की आपूर्ति करती हैं, और इस क्षेत्र में दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए।
ट्रंप-मोदी बातचीत पर स्थिति स्पष्ट
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच तेल आयात को लेकर कोई बातचीत हुई है, श्री जायसवाल ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी बातचीत की जानकारी नहीं है।
