मेडागास्कर में जारी राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति एंड्री राजोइलिना ने संसद के निचले सदन को भंग करने की घोषणा कर दी है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब देश में जनरेशन ज़ेड के नेतृत्व में युवाओं के विरोध प्रदर्शन और सेना में विद्रोह जैसी स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्रपति राजोइलिना ने एक आदेश जारी कर कहा कि उन्होंने यह निर्णय संसद और सीनेट के नेताओं से परामर्श के बाद लिया, हालांकि इसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। राजधानी में बिगड़ते हालात और अपनी जान को खतरा बताते हुए राष्ट्रपति एक गोपनीय स्थान से संबोधन देने को मजबूर हुए।
राजोइलिना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि व्यवस्था बहाल करने के लिए संसद को भंग करना ज़रूरी था और इससे 60 दिनों के भीतर नए चुनाव कराने का मार्ग प्रशस्त होगा।
वहीं विपक्ष ने इस कदम पर तीखी आपत्ति जताई है और संसद में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि वहां सत्तारूढ़ गठबंधन का बहुमत है।
यह संकट 25 सितंबर से शुरू हुआ, जब पानी और बिजली की कमी के खिलाफ प्रदर्शनों ने जोर पकड़ा। जल्द ही ये विरोध भ्रष्टाचार, खराब शासन और बुनियादी सेवाओं की विफलता के खिलाफ व्यापक जनआंदोलन में तब्दील हो गया।
राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग लगातार तेज हो रही है, लेकिन उन्होंने अब तक पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। मेडागास्कर राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जहां स्थिति किसी भी दिशा में जा सकती है।
