केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ओमान में शोषण का सामना कर रहे 36 भारतीय श्रमिकों को बचाने के लिए त्वरित हस्तक्षेप किया। यह कार्रवाई उत्तर मुंबई के भाजपा नेता गोविंद प्रसाद द्वारा मामले को उनके संज्ञान में लाने के बाद की गई।
ये श्रमिक रोजगार की तलाश में ओमान गए थे, लेकिन उन्हें वेतन में देरी, खराब आवास, पासपोर्ट जब्त किए जाने, और नियोक्ता द्वारा धमकियों जैसी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा।
मामले की जानकारी मिलते ही ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की। सभी श्रमिकों का पता लगाया गया और उन्हें स्वदेश वापसी से पहले एक गुरुद्वारे में अस्थायी आश्रय दिया गया।
मंत्री गोयल ने अपनी टीम को ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया और कहा कि सरकार विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
