रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वह दिसंबर की शुरुआत में भारत में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए अपनी आगामी यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को "प्रिय मित्र" और रूस का "भरोसेमंद साझेदार" बताते हुए उनके साथ मुलाकात को लेकर उत्सुकता जताई।
वाल्डाई डिस्कशन क्लब की बैठक में संबोधन
सोची में 2025 वाल्डाई डिस्कशन क्लब की बैठक को संबोधित करते हुए पुतिन ने भारत और रूस के बीच गहरे और ऐतिहासिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही विशेष और भरोसेमंद रहे हैं। पुतिन ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक “समझदार और दूरदर्शी नेता” बताया, जो पूरी तरह से भारत के हितों के प्रति समर्पित हैं।
व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का आह्वान
पुतिन ने यह स्वीकार किया कि वर्तमान भारत-रूस व्यापार अपनी वास्तविक संभावनाओं से काफी कम है। उन्होंने पारस्परिक रूप से लाभदायक व्यापार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि व्यापारिक संबंधों को सशक्त करने के लिए रसद, वित्तीय ढांचा और सीमा पार भुगतान जैसे क्षेत्रों में समाधान ढूंढे जाने चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से रुपये या अन्य मुद्राओं के माध्यम से भुगतान के विकल्पों, और डिजिटल भुगतान प्रणाली के उपयोग पर ज़ोर दिया।
व्यापार असंतुलन और सरकारी निर्देश
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के साथ व्यापार असंतुलन की बात को स्वीकारते हुए बताया कि उन्होंने रूसी सरकार और अंतर-सरकारी आयोग के प्रमुख डेनिस मंटुरोव को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं, ताकि आर्थिक साझेदारी को और मजबूत किया जा सके।
राजनीतिक और सांस्कृतिक सहयोग की भी सराहना
पुतिन ने भारत और रूस के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मजबूत समन्वय की सराहना की और बताया कि दोनों देश एक-दूसरे की राय का सम्मान करते हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच मानवीय और सांस्कृतिक संबंधों के विस्तार को भी रेखांकित किया। उन्होंने भारत की फिल्मों की रूस में लोकप्रियता और भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या का उल्लेख किया। उन्होंने यहां तक कहा कि रूस में एक विशेष टीवी चैनल चौबीसों घंटे भारतीय फिल्में प्रसारित करता है।
सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में मजबूत सहयोग
रक्षा क्षेत्र में, राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस सहयोग को “गहरे विश्वास” पर आधारित बताया। उन्होंने उन्नत हथियार प्रणालियों के संयुक्त उत्पादन को इस साझेदारी का प्रमाण बताया और कहा कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत और समय-परीक्षित संबंधों को दर्शाता है।
भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से राष्ट्रपति पुतिन की यह आगामी यात्रा न केवल द्विपक्षीय सहयोग के नए आयाम खोलेगी, बल्कि वैश्विक मंच पर दोनों देशों के साझा दृष्टिकोण को भी आगे बढ़ाएगी।
