यमन के हूती उग्रवादियों ने अदन की खाड़ी में डच ध्वज वाले मालवाहक जहाज मिनर्वा ग्रेस पर क्रूज मिसाइल से हमला करने की ज़िम्मेदारी ली है। इस हमले के चलते जहाज में आग लग गई और दो नाविक घायल हो गए।
हूती सैन्य प्रवक्ता के अनुसार, यह हमला सोमवार को किया गया था। यूरोपीय संघ के समुद्री मिशन 'एस्पाइड्स' और जहाज संचालक के मुताबिक, हमले के बाद 19 सदस्यीय चालक दल को हेलीकॉप्टर के ज़रिए सुरक्षित निकालना पड़ा।
ईरान समर्थित हूती समूह ने 2023 से अब तक लाल सागर और आस-पास के जलक्षेत्रों में कई वाणिज्यिक जहाजों पर हमले किए हैं। ये हमले विशेष रूप से उन जहाजों पर केंद्रित रहे हैं जिन्हें हूती इज़राइल से जुड़ा मानते हैं। उनका कहना है कि ये कार्रवाई ग़ाज़ा में इज़राइली हमलों के विरोध और फिलिस्तीनियों के समर्थन में की जा रही है।
यह हमला 1 सितंबर के बाद किसी वाणिज्यिक जहाज पर हूतियों का पहला बड़ा हमला है। इससे पहले उन्होंने सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह के पास इज़राइली स्वामित्व वाले टैंकर स्कारलेट रे को निशाना बनाया था।
