कनाडा ने कुख्यात बिश्नोई गिरोह को आपराधिक संहिता के तहत एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध कर दिया है। इस कदम के बाद अब इस गिरोह की संपत्तियां, वाहन और वित्तीय संसाधन जब्त किए जा सकते हैं, और आतंकवाद से संबंधित अपराधों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
सरकारी रुख:
कनाडा के जन सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसांगरी ने कहा कि बिश्नोई गिरोह ने कुछ विशिष्ट समुदायों को आतंक, हिंसा और धमकी का निशाना बनाया है। गिरोह की गतिविधियों से प्रवासी समुदायों के बीच असुरक्षा और भय का माहौल बना है।
सरकारी बयान के मुख्य बिंदु:
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बिश्नोई गिरोह कनाडा में मौजूद है और प्रवासी बहुल इलाकों में सक्रिय है।
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गिरोह हत्या, गोलीबारी, आगजनी, जबरन वसूली, और धमकी जैसे आपराधिक कृत्यों में संलिप्त है।
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गिरोह सांस्कृतिक हस्तियों, व्यवसायों और समुदायों को निशाना बनाकर धमकाने और डर फैलाने की रणनीति अपनाता है।
नतीजे:
इस सूची में शामिल होने के साथ, बिश्नोई गिरोह अब कनाडा की आपराधिक संहिता के तहत सूचीबद्ध 88वें आतंकवादी संगठन बन गया है। इससे कनाडा की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे वे संगठन की वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगा सकें और सदस्यों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकें।
पृष्ठभूमि:
बिश्नोई गिरोह का नाम भारत में कई आपराधिक गतिविधियों, विशेष रूप से गैंगवार, हत्याओं और धमकियों में पहले ही सामने आ चुका है। अब कनाडा में इसे आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने से इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कड़ी निगरानी संभव हो सकेगी।
