इज़राइल स्थित भारतीय दूतावास ने हाइफ़ा युद्ध की 107वीं वर्षगांठ के अवसर पर 1918 में हाइफ़ा को स्वतंत्र कराने वाले भारतीय सैनिकों की वीरता और साहस को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस ऐतिहासिक लड़ाई में जोधपुर, मैसूर और हैदराबाद लांसर्स के जवानों ने अद्भुत पराक्रम दिखाते हुए हाइफ़ा को मुक्त कराया था।
इस स्मरण समारोह में भारत के राजदूत जेपी सिंह, हाइफ़ा के मेयर योना याहाव सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में मेयर योना याहाव ने कहा, "हमने हर स्कूल में इतिहास को सही तरीके से बताना शुरू कर दिया है – हाइफ़ा को ब्रिटिश नहीं, बल्कि भारतीय सैनिकों ने आज़ाद कराया था।"
इस अवसर पर भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि, “भारतीय सैनिकों का इस भूमि के लिए बलिदान एक अमूल्य विरासत है, जो भारत और इज़राइल के बीच दोस्ती के अटूट रिश्ते को और भी सुदृढ़ करता है।”
यह आयोजन न केवल इतिहास को सम्मानित करने का प्रयास था, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक भी है।
