भारत और भूटान ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करते हुए पहली बार सीमा-पार रेलवे संपर्क स्थापित करने के लिए एक अंतर-सरकारी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भूटान की विदेश सचिव ओम पेमा चोडेन के बीच विचार-विमर्श के बाद संपन्न हुआ।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों के सभी पहलुओं की व्यापक समीक्षा की और सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में हुई प्रगति पर चर्चा की। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत, दो रेलवे मार्गों की परिकल्पना की गई है — पहला कोकराझार (भारत) को गेलेफू (भूटान) से जोड़ेगा, जबकि दूसरा बानरहाट (भारत) को समत्से (भूटान) से जोड़ेगा।
ये रेलवे परियोजनाएँ भारत और भूटान के बीच भौतिक संपर्क को बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक सहयोग और जनसंपर्क को भी सुदृढ़ करेंगी।
इस अवसर पर दोनों देशों ने 1020 मेगावाट की पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना की सभी छह इकाइयों के सफल संचालन की भी सराहना की। यह परियोजना भारत-भूटान ऊर्जा साझेदारी में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है और भविष्य में दोनों देशों के ऊर्जा सहयोग को और गति देगी।
