अमेरिकी प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश की संवैधानिकता की समीक्षा करने का अनुरोध किया है, जिसमें जन्मजात नागरिकता समाप्त करने की बात कही गई है। यह मुद्दा इस साल दूसरी बार न्यायाधीशों के समक्ष आया है।
लगभग एक सदी से यह मान्यता रही है कि अमेरिका के संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिका में जन्मे सभी लोगों को नागरिकता मिलती है। लेकिन ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक अपील में कहा है कि यह धारणा गलत है और इस व्यापक व्याख्या के विनाशकारी परिणाम हो रहे हैं।
न्याय विभाग ने निचली अदालत के उन फैसलों के खिलाफ दो अपीलें दायर की हैं, जिनमें ट्रंप के जन्मजात नागरिकता आदेश को रोक दिया गया था। इस आदेश पर राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी में पदभार ग्रहण करने के पहले दिन ही हस्ताक्षर किए थे, जो उनके सख्त आव्रजन रुख का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अपील में यह कहा गया है कि निचली अदालत के फैसलों ने राष्ट्रपति और उनके प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नीति को अमान्य कर दिया है, जिससे देश की सीमा सुरक्षा प्रभावित होती है।
न्याय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह अपने अगले कार्यकाल की शुरुआत 6 अक्टूबर से इस मामले को सुने और उसका निपटारा करे।
ट्रंप के आदेश में संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया था कि वे अमेरिका में जन्मे उन बच्चों की नागरिकता को मान्यता न दें, जिनके माता-पिता में से कम से कम एक अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) न हो।
इस आदेश के खिलाफ कई मुकदमे दायर किए गए हैं, जिनमें तर्क दिया गया है कि यह 14वें संशोधन के तहत मिले नागरिकता के अधिकार का उल्लंघन करता है।
