आज 23 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार नई दिल्ली में भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान मंत्री महोदय बधिर समुदाय के लिए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सशक्तिकरण से जुड़ी कई नई पहलों का शुभारंभ करेंगे। इन पहलों का उद्देश्य बधिर व्यक्तियों के लिए समान अवसरों का निर्माण और समावेशी समाज को बढ़ावा देना है।
डॉ. कुमार आठवीं राष्ट्रीय भारतीय सांकेतिक भाषा प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित करेंगे। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा घोषित किया गया था ताकि बधिर व्यक्तियों के मानवाधिकारों को सुनिश्चित करने में सांकेतिक भाषा के महत्व के प्रति वैश्विक जागरूकता बढ़ाई जा सके।
इस वर्ष का विषय — "बिना सांकेतिक भाषा के अधिकार के कोई मानवाधिकार नहीं" — इस बात को रेखांकित करता है कि समानता, समावेशन और सम्मान की दिशा में सांकेतिक भाषा एक बुनियादी अधिकार है, न कि केवल एक माध्यम।
