एस्टोनिया ने रूस पर उसके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। एस्टोनियाई विदेश मंत्री मार्गस त्सखना ने जानकारी दी कि तीन रूसी मिग-31 सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों ने फिनलैंड की खाड़ी के ऊपर से उड़ान भरते हुए उत्तरी एस्टोनिया के हवाई क्षेत्र में लगभग 12 मिनट तक प्रवेश किया।
इस कथित उल्लंघन को लेकर एस्टोनिया ने रूस के प्रति कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने इसे "निर्लज्जतापूर्ण घुसपैठ" करार देते हुए तलब किया है रूसी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एस्टोनियाई प्रधानमंत्री क्रिस्टन माइकल ने नाटो संधि के अनुच्छेद 4 के तहत तत्काल परामर्श का अनुरोध किया है। यह अनुच्छेद सदस्य देशों को वार्ता का अधिकार देता है, यदि उन्हें अपनी क्षेत्रीय अखंडता, राजनीतिक स्वतंत्रता या सुरक्षा को खतरा महसूस हो।
नाटो के प्रवक्ता के अनुसार, गठबंधन की ओर से त्वरित प्रतिक्रिया दी गई और रूसी विमान को रोकने की कार्रवाई की गई।
वहीं दूसरी ओर, रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि उसके विमान निर्धारित उड़ान मार्ग पर थे और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र के नियमों का पूरी तरह पालन किया। रूसी रक्षा मंत्रालय ने यह भी दावा किया कि उनके विमानों ने किसी भी देश की सीमा का उल्लंघन नहीं किया है, और यह बात तटस्थ निगरानी से प्रमाणित की जा सकती है।
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब बाल्टिक क्षेत्र में रूस और नाटो देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। यह आरोप न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डाल सकता है, बल्कि नाटो-रूस संबंधों को और जटिल बना सकता है।
