बलूचिस्तान में संदिग्ध बलूच लड़ाकों ने की नाकाबंदी, सैन्य वाहनों पर धावा, पाकिस्तान की सेना ने यात्री बसों को रोका | The Voice TV

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बलूचिस्तान में संदिग्ध बलूच लड़ाकों ने की नाकाबंदी, सैन्य वाहनों पर धावा, पाकिस्तान की सेना ने यात्री बसों को रोका

Date : 13-Aug-2025

क्वेटा (बलूचिस्तान) पाकिस्तान, 13 अगस्त । बलूचिस्तान में संदिग्ध बलूच लड़ाकों ने कई राजमार्गों पर नाकाबंदी कर पाकिस्तान की सेना के सामने चुनौती पैदा कर दी है। लड़कों ने कई सैन्य वाहनों पर धावा बोलकर हथियार छीनने का दावा भी किया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि पाकिस्तान की सेना ने रास्ते में बेवजह यात्री बसों को रोककर परेशान किया।

द बलूचिस्तान पोस्ट की खबर के अनुसार, स्थानीय सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि संदिग्ध बलूच लड़ाकों ने बलूचिस्तान के खुजदार जिले के जेहरी कस्बे के आसपास के राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान एक प्रमुख सड़क को नष्ट कर दिया। पाकिस्तान की सैन्य टुकड़ियों पर घात लगाकर हमला किया ।

सूत्रों के अनुसार, सशस्त्र लड़ाकों ने मुख्य राजमार्गों पर तीन अलग-अलग जगहों पर नाकेबंदी की। सेना की आवाजाही रोकने के लिए सुन्नी-नूरगामा सड़क को भारी मशीनरी और बुलडोज़रों से नष्ट कर दिया गया। गाजान और मश्क क्षेत्रों से आगे बढ़ रहे सैनिकों पर हमला किया। हमले में सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की खबरें हैं।

लड़ाकों ने गाजान के जुल्फिकाराबाद के कुचो में एक अन्य हमले में आठ सैन्य वाहनों को रोक लिया। इसके बाद तीन वाहनों को नष्ट कर दिया। दो अन्य को हथियारों सहित जब्त कर लिया गया। सूत्रों ने बताया कि पिछले 24 घंटों से कई सैन्यकर्मी लड़ाकों से घिरे हुए हैं। जालकान से पैदल आ रहे सैनिक कथित तौर पर स्पेडिक क्षेत्र में एक नदी के किनारे मंगलवार शाम तक घिरे हुए थे। मंगलवार सुबह ड्रोन और हेलीकॉप्टरों का उपयोग कर सैनिकों को निकालने के प्रयास कथित तौर पर विफल रहे।

स्थानीय सूत्रों ने बताया कि सेना ने कराची से मकरान जा रही दर्जनों यात्री बसों को उथल जीरो पॉइंट पर रोक दिया। इससे केच और ग्वादर जिलों की ओर जाने वाले पुरुष, महिलाएं और बच्चे आधे रास्ते में घंटों फंसे रहे। इन बसों को आधिकारिक यात्रा समय का पालन न करने के आरोप में रोका गया है। आसपास के लोगों ने कहा कि हजारों यात्री, जिनमें बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं और बीमार लोग शामिल हैं, भीषण गर्मी में फंसे रहे। लोगों का आरोप है कि पहले यात्रियों को सुरक्षा जांच के बहाने कई चौकियों पर लंबा इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब यात्रा पर लगी रोक ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है।


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