इज़राइल के सुरक्षा मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के गाजा शहर पर कब्जा करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही मंत्रिमंडल ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए पाँच प्रमुख सिद्धांत भी अपनाए हैं। इन सिद्धांतों में हमास का निरस्त्रीकरण, सभी बंधकों—चाहे वे जीवित हों या मृत—की वापसी, गाजा का विसैन्यीकरण, क्षेत्र में इज़राइली सुरक्षा नियंत्रण की स्थापना और ऐसा नागरिक प्रशासन स्थापित करना शामिल है जो न तो हमास से जुड़ा हो और न ही फ़िलिस्तीनी प्राधिकरण से।
सरकारी बयान के अनुसार, इज़राइली रक्षा बल (IDF) अब गाजा शहर पर नियंत्रण स्थापित करने की तैयारी करेगा, इस दौरान युद्ध क्षेत्रों के बाहर नागरिकों को मानवीय सहायता भी पहुंचाई जाएगी। सुरक्षा मंत्रिमंडल का कहना है कि प्रस्तावित वैकल्पिक योजनाओं से न तो हमास को हराया जा सकता है और न ही बंधकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सकती है, इसलिए नेतन्याहू की योजना को निर्णायक बहुमत से समर्थन मिला।
इस निर्णय के पहले, संयुक्त राष्ट्र ने इज़राइल को चेतावनी दी थी कि गाजा में सैन्य अभियान का विस्तार करना फ़िलिस्तीनी नागरिकों और बंधक बनाए गए इज़राइली नागरिकों—दोनों के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
ज्ञात हो कि यह सैन्य अभियान 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा किए गए घातक हमले के बाद शुरू हुआ था, जिसमें लगभग 1,200 इज़राइली नागरिक मारे गए थे और 251 लोगों को हमास द्वारा गाजा ले जाया गया था। इस घटना के बाद से क्षेत्र में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं।
