थाईलैंड और कंबोडिया ने हालिया सीमा विवाद के बाद युद्धविराम के विवरण पर सहमति बना ली है और सेना नहीं बढ़ाने का संकल्प लिया है। यह समझौता जनरल बॉर्डर कमेटी (GBC) की बैठक के दौरान हुआ, जिसमें दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अमेरिका, चीन और मलेशिया ने बैठक में तीसरे पक्ष के पर्यवेक्षकों के रूप में भाग लिया। यह वार्ता मलेशियाई रक्षा मंत्रालय में आयोजित की गई।
संयुक्त बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने सभी प्रकार के हथियारों के उपयोग सहित संघर्षविराम का पालन करने, बिना उकसावे के गोलीबारी से बचने और सीमा पर सैनिकों की संख्या में वृद्धि नहीं करने पर सहमति जताई। इसके अलावा, यह तय किया गया कि 28 जुलाई की मध्यरात्रि को जिस सैन्य तैनाती पर युद्धविराम लागू हुआ, उसी स्थिति को यथावत रखा जाएगा।
दोनों देशों ने यह भी वचन दिया कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत पकड़े गए सैनिकों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा।
वार्ता के बाद थाईलैंड के कार्यवाहक रक्षा मंत्री नट्टाफोन नरक्फानित ने कहा कि यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय शांति के लिए एक अहम कदम है। उन्होंने आशा जताई कि यह समझौता दीर्घकालिक शांति की दिशा में एक नई शुरुआत साबित होगा।
कंबोडिया के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री टी सेइहा ने कहा कि उनका देश इस समझौते को पूरी तरह लागू करेगा और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए निरंतर समन्वय और सहयोग करता रहेगा।
ज्ञात हो कि 24 जुलाई को दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर झड़पें हुई थीं, जिसके बाद 28 जुलाई को युद्धविराम पर सहमति बनी और यह उसी दिन मध्यरात्रि से लागू हो गया।
