राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने आज मॉस्को में वरिष्ठ रूसी अधिकारियों के साथ भारत-रूस रक्षा और सुरक्षा सहयोग को लेकर अहम बैठक की। यह यात्रा पहले से तय कार्यक्रम के तहत हो रही है और इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को और मजबूती देना है।
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि रूस से तेल आयात के चलते भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा सकता है। इसके बावजूद, भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर प्रतिबद्धता में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है।
द्विपक्षीय चर्चा में रक्षा उद्योग सहयोग के पहलुओं को भी शामिल किए जाने की संभावना है। भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में दीर्घकालिक और व्यापक साझेदारी रही है, जिसका संचालन भारत-रूस अंतर-सरकारी सैन्य और सैन्य तकनीकी सहयोग आयोग (IRIGC-M&MTC) के तहत किया जाता है।
दोनों देशों ने एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति, टी-90 टैंकों और एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों का लाइसेंस प्राप्त उत्पादन, मिग-29 और कामोव हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति, आईएनएस विक्रमादित्य का अधिग्रहण, भारत में एके-203 राइफलों का निर्माण और ब्रह्मोस मिसाइल परियोजनाओं जैसे कई रणनीतिक कार्यक्रमों में सहयोग किया है।
भारत और रूस की यह साझेदारी समय की कसौटी पर खरी उतरी है और भविष्य में भी इसके और मजबूत होने की उम्मीद है।
