फिलीपींस के विज्ञान मंत्री डॉ. रेनाटो यू. सॉलिडम जूनियर ने आज नई दिल्ली में भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। यह उच्च-स्तरीय बैठक भारत और फिलीपींस के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रही, जो हाल ही में 2025-2028 की अवधि के लिए हस्ताक्षरित सहयोग कार्यक्रम (Programme of Cooperation - POC) पर आधारित है।
इस कार्यक्रम के तहत, दोनों देशों ने संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, वैज्ञानिकों के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण कार्यक्रमों, और गैर-स्वामित्व वाले वैज्ञानिक आंकड़ों के साझा उपयोग को सुगम बनाने पर सहमति जताई है।
बैठक के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने सहयोग के संभावित प्राथमिक क्षेत्रों को रेखांकित करते हुए कहा कि कृषि जैव प्रौद्योगिकी, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, और आपदा जोखिम न्यूनीकरण जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय अनुसंधान की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने भारत की राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 पर विशेष रूप से प्रकाश डाला, जो शासन, शिक्षा और उद्योगों में भू-स्थानिक डेटा के उपयोग को बढ़ावा देने वाले एक समावेशी पारिस्थितिकी तंत्र की परिकल्पना करती है। डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और एक सटीक डिजिटल उन्नयन मॉडल तैयार करना है।
दोनों पक्षों ने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि POC के अंतर्गत परियोजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए भारत-फिलीपींस संयुक्त समिति की नियमित बैठकें अत्यंत आवश्यक हैं। यह समिति द्विपक्षीय सहयोग को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी, विशेषकर कृषि जैव प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा भंडारण, और महासागर विज्ञान जैसे आठ चिन्हित विषयगत क्षेत्रों में।
यह बैठक भारत और फिलीपींस के बीच विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी को नई दिशा देने के साथ-साथ दक्षिण-दक्षिण सहयोग को भी और मजबूत करने की एक सशक्त पहल के रूप में देखी जा रही है।
