ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने संकेत दिया है कि यदि इज़राइल ग़ाज़ा में युद्धविराम लागू करने और मानवीय संकट कम करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाता, तो ब्रिटेन फ़िलिस्तीनी राज्य को औपचारिक मान्यता देगा। यह निर्णय ग़ाज़ा में फैलती भुखमरी और लगभग दो वर्षों से जारी इज़राइल-हमास संघर्ष की पृष्ठभूमि में लिया गया है।
एक उच्चस्तरीय कैबिनेट बैठक में ग़ाज़ा संकट पर चर्चा करते हुए स्टारमर ने स्पष्ट किया कि यदि इज़राइल ने कुछ प्रमुख शर्तों को नहीं माना, तो ब्रिटेन संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी बैठक में फ़िलिस्तीनी राज्य की मान्यता का समर्थन करेगा। इन शर्तों में ग़ाज़ा में सैन्य कार्रवाई समाप्त करना, पश्चिमी तट पर कब्ज़े की योजनाओं को रोकना और द्वि-राज्य समाधान की दिशा में शांति प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध होना शामिल है।
वर्तमान में लगभग 140 देश फ़िलिस्तीनी राज्य को औपचारिक रूप से मान्यता दे चुके हैं। हाल ही में फ्रांस ने भी संयुक्त राष्ट्र में फ़िलिस्तीनी राज्य को समर्थन देने का संकल्प लिया है। ब्रिटेन के इस रुख को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा इज़राइल पर मानवीय दबाव बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग़ाज़ा में जारी संकट का समाधान निकाला जा सके।
