रूस के कामचटका प्रायद्वीप के प्रशांत तट पर बुधवार तड़के 8.8 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया, जिसे संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) ने हाल के वर्षों का सबसे बड़ा झटका बताया है। पहले इसकी तीव्रता 8.7 मापी गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 8.8 कर दिया गया। यह भूकंप जापान के 2011 के विनाशकारी भूकंप के बाद सबसे बड़ा माना जा रहा है।
भूकंप का केंद्र समुद्र तट से लगभग 136 किलोमीटर दूर और 19 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। यह स्थान "प्रशांत अग्नि वलय" के भीतर आता है, जो विश्व में सबसे अधिक भूकंपीय और ज्वालामुखीय गतिविधियों वाला क्षेत्र है।
प्रशांत क्षेत्र में व्यापक सुनामी चेतावनी
भूकंप के तुरंत बाद प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने कई देशों और द्वीपों के लिए सुनामी अलर्ट जारी किए। रूस, जापान, हवाई, अमेरिका के पश्चिमी तटीय राज्य (कैलिफ़ोर्निया, ओरेगन, वाशिंगटन), कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया, दक्षिण अलास्का और अल्यूशियन द्वीप समूह सहित कई क्षेत्रों को सतर्क किया गया है।
कामचटका के तटीय इलाकों में 3 से 4 मीटर ऊँची लहरों की सूचना है, जिससे बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। जापान के उत्तर में 30 से 40 सेंटीमीटर ऊँची लहरें दर्ज की गई हैं और भविष्य में 1 मीटर तक ऊँचाई वाली लहरों की आशंका जताई गई है। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव योशिमासा हयाशी ने जनता से सतर्क रहने का आह्वान किया है।
हवाई और अन्य क्षेत्रों में आपातकालीन उपाय
हवाई के ओआहू द्वीप, विशेषकर होनोलूलू में सायरन बजाए गए और तटीय क्षेत्रों को खाली कराया गया। स्थानीय आपातकालीन प्रबंधन विभाग ने चेतावनी दी: "कार्रवाई करें! विनाशकारी सुनामी लहरें संभव हैं।"
गुआम, रोटा, तिनियान, साइपन और आसपास के द्वीपों पर भी चेतावनी जारी की गई है। साथ ही रूस के सखालिन द्वीप पर भी लोगों को सतर्क किया गया है और कई स्थानों पर निकासी की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सरकारी सतर्कता और जनता से अपील
आपातकालीन एजेंसियाँ स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। तटीय निवासियों से अपील की गई है कि वे समुद्र तटों और बंदरगाहों से दूर रहें, आधिकारिक निर्देशों का पालन करें, और अफवाहों पर ध्यान न दें। भूकंप के बाद के झटकों और संभावित सुनामी गतिविधियों को देखते हुए स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
