यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के बीच इस्तांबुल में तीसरे दौर की शांति वार्ता कल संपन्न हुई, जिसमें दोनों पक्ष 1,200 से अधिक लोगों के मानवीय आदान-प्रदान पर सहमत हुए। करीब एक घंटे तक चली इस वार्ता में रूस ने 3,000 यूक्रेनी सैनिकों के शव लौटाने की भी सहमति दी।
यूक्रेन की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। उन्होंने अगस्त के अंत तक राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर सम्मेलन की संभावना का प्रस्ताव रखा।
बैठक की शुरुआत में तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फ़िदान ने दोनों पक्षों से अपील की कि वे पहले की चर्चाओं के आधार पर आगे बढ़ें और युद्ध को शीघ्र समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाएं।
रूसी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे व्लादिमीर मेडिंस्की ने बताया कि मास्को ने राजनीतिक, सैन्य और मानवीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तीन संयुक्त कार्य समूहों के गठन का प्रस्ताव भी रखा है। इस्तांबुल में वार्ता शुरू होने से पहले यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल ने अंकारा में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात की।
23 जुलाई को हुई यह बैठक 16 मई और 2 जून को हुए वार्ताओं के बाद तीसरा औपचारिक संवाद था, जबकि इससे पहले तीन साल से अधिक समय तक कोई सीधी वार्ता नहीं हुई थी।
