बांग्लादेश की राजधानी ढाका में भारतीय उच्चायोग द्वारा 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में योग प्रेमियों और साधकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान कॉमन योग प्रोटोकॉल का नेतृत्व योग शिक्षकों और इंदिरा गांधी सांस्कृतिक केंद्र (IGCC) के छात्रों ने किया। इसके अलावा, आर्ट ऑफ लिविंग बांग्लादेश, एवरग्रीन योग, हू आर्ट ऑफ योग, जॉयसन योग, नोट्रे डेम योग और मेडिटेशन क्लब, तथा सेल्फ हीलिंग हब जैसे छह प्रमुख योग संघों ने भी आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई।
उच्चायोग में एकत्रित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने कहा कि योग न केवल भारत की प्राचीन सभ्यता का अनमोल उपहार है, बल्कि यह आधुनिक विश्व के लिए एक सार्वभौमिक साधना है, जो सीमाओं, संस्कृतियों और आस्थाओं से परे जाकर सभी को जोड़ने की शक्ति रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि योग, भारत और बांग्लादेश के लोगों के बीच स्वास्थ्य, समरसता और सहयोग को सुदृढ़ करने का माध्यम बन सकता है।
इस अवसर पर प्रसिद्ध बांग्लादेशी अभिनेता चंचल चौधरी, विभिन्न क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियां और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे, जिन्होंने योग के महत्व और इसके सकारात्मक प्रभावों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ और उत्साह ने यह दर्शाया कि योग अब एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है, जिसमें बांग्लादेश भी सक्रिय और उत्साही भागीदार के रूप में उभर रहा है।
