ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इजरायली हमलों के चलते अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं करेगा। यह बयान उस समय आया जब फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी और यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों ने जिनेवा में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ परमाणु वार्ता की कोशिश की।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और संप्रभुता पर हमले के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का माहौल नहीं है। यह रुख उस बढ़ते तनाव को और गहरा करता है जो पश्चिमी देशों और ईरान के बीच बना हुआ है।
इसी बीच, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए स्थिति को “वैश्विक सुरक्षा के लिए निर्णायक क्षण” बताया। उन्होंने आगाह किया कि,
"हम संकट की ओर नहीं बढ़ रहे हैं — हम तेजी से उसकी ओर भाग रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि यह टकराव दुनिया के कई देशों के भविष्य को प्रभावित कर सकता है, और यदि यह संघर्ष फैलता है, तो यह ऐसी आग को जन्म दे सकता है जिसे कोई नियंत्रित नहीं कर पाएगा।
गुटेरेस ने सभी पक्षों से तत्काल संयम और संवाद की अपील की है ताकि इस उभरते संकट को कूटनीतिक रास्तों से सुलझाया जा सके।
