ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार पांचवें दिन और भी उग्र हो गया है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने रातभर के हमले में ईरान के युद्धकालीन चीफ ऑफ स्टाफ अली शादमानी को मार गिराया है। शादमानी को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी सहयोगी माना जाता था।
इजरायली दावों के बीच, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर मिसाइलों की एक नई खेप दागी। इसके चलते मध्य और उत्तरी इजरायल के कई इलाकों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई। तेल अवीव और यरुशलम में जोरदार विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि वह इजरायल पर अब तक के सबसे बड़े मिसाइल हमले की तैयारी कर रहा है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उन्होंने तेल अवीव स्थित इजरायली खुफिया केंद्रों, जिनमें मोसाद का ऑपरेशनल सेंटर भी शामिल है, पर सटीक हमला किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हर्ज़लिया, रमत हाशारोन और राआना में कई विस्फोट हुए हैं। इजरायली मीडिया ने पुष्टि की है कि कम से कम पांच मिसाइलों ने तेल अवीव महानगरीय क्षेत्र में ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें एक बड़े कमांड सेंटर या गोदाम को गंभीर क्षति पहुंची है।
इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे केवल युद्धविराम नहीं, बल्कि इस संघर्ष का "वास्तविक अंत" चाहते हैं। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने क्षेत्र में अतिरिक्त रक्षा प्रणालियों की तैनाती का आदेश दिया है।
वहीं, चीन ने ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कहा है कि वे ईरान-इजरायल संघर्ष को और भड़का रहे हैं। ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर तेहरान के नागरिकों को तुरंत शहर छोड़ने की चेतावनी दी थी, जिसे चीन ने "उकसाने वाली टिप्पणी" बताया है।
ईरान और इजरायल के बीच यह बढ़ता संघर्ष वैश्विक चिंता का विषय बन गया है, और इसकी आंच मध्य पूर्व से बाहर भी महसूस की जा रही है।
