ली जे-म्यांग, लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता, ने आज दक्षिण कोरिया के 21वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। वे अब देश का नेतृत्व पांच वर्षीय कार्यकाल तक संभालेंगे। उनकी जीत की औपचारिक पुष्टि दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने आज सुबह की बैठक में की।
ली ने यह पद कंजर्वेटिव पीपुल पावर पार्टी के उम्मीदवार किम मून-सू को हराकर हासिल किया। यह चुनाव एक त्वरित मतदान प्रक्रिया के तहत हुआ था, जो पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल द्वारा मार्शल लॉ लागू करने के असफल प्रयास और महाभियोग के बाद आवश्यक हुआ।
शपथ ग्रहण के बाद अपने पहले संबोधन में राष्ट्रपति ली ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका प्राथमिक उद्देश्य विद्रोह और लोकतंत्र पर हमले पर नियंत्रण पाना होगा। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति की कार्रवाइयों को "सैन्य तख्तापलट का प्रयास" करार देते हुए दोहराया कि वे भविष्य में कभी भी ऐसी स्थिति नहीं आने देंगे।
उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार:
-
व्यावहारिक और बाजार समर्थक होगी,
-
नवाचार व विकास को प्रोत्साहित करेगी,
-
अनावश्यक विनियमनों को हटाएगी,
-
और व्यापारिक वातावरण को उदार बनाएगी।
विदेश नीति के मोर्चे पर श्री ली ने कहा कि वे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ मजबूत सुरक्षा गठबंधन बनाए रखेंगे, वहीं उत्तर कोरिया के साथ संतुलित कूटनीति और संवाद फिर से शुरू करने की भी योजना है।
ली जे-म्यांग का राष्ट्रपति पद पर आना दक्षिण कोरिया के लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना और स्थिरता की वापसी के रूप में देखा जा रहा है।
