पाकिस्तान की लाहौर हाईकोर्ट ने पंजाब प्रांत में तेजी से फैल रहे भिखारी माफिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने प्रांतीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इस समस्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है, जिसमें एक मोबाइल एप्लिकेशन का विकास भी शामिल है।
न्यायालय ने प्रांतीय सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य में भिक्षावृत्ति पर नियंत्रण के लिए पहले से कानून मौजूद हैं, लेकिन उन्हें प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया जा रहा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार अदालत के आदेशों के पालन में विफल रही है।
हाल ही में पंजाब के कैबिनेट डिवीजन ने एक नए भिक्षावृत्ति विरोधी कानून को मंजूरी दी है। इस कानून के तहत, भिखारी माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नए प्रावधानों के अनुसार, दोषी पाए जाने पर उन्हें कम से कम आठ साल की सजा और न्यूनतम पांच लाख रुपये का जुर्माना भुगतना होगा। यह अपराध अब गैर-जमानती श्रेणी में शामिल कर लिया गया है।
