अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में सुधार लाने के उद्देश्य से कुछ महत्वपूर्ण कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। प्रशासन का दावा है कि इन आदेशों से परमाणु रिएक्टरों के निर्माण से जुड़ी नियामक बाधाएं कम होंगी और प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
इन सुधारों के तहत अधिकारियों के लिए नए परमाणु ऊर्जा संयंत्रों को मंजूरी देना आसान होगा। वर्तमान में जहां ऐसी मंजूरी में 10 साल से अधिक का समय लग सकता है, वहीं अब वाशिंगटन ने अंतिम निर्णय की समय-सीमा को घटाकर 18 महीने कर दिया है।
यह पहल बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है, जो कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उन्नत तकनीकों के प्रसार के कारण तेजी से बढ़ रही है।
ऊर्जा सचिव डगलस जेम्स बर्गम ने कहा कि अगले पांच वर्षों में जो फैसले लिए जाएंगे, वे आने वाले 50 वर्षों तक बिजली क्षेत्र की दिशा तय करेंगे।
