ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर रोम में हुई उच्च-स्तरीय वार्ता का पांचवां दौर बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गया। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने वार्ता को रचनात्मक बताया, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि अब भी कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है।
ट्रम्प प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वार्ता में कुछ प्रगति जरूर हुई है, परंतु यह निर्णायक नहीं रही। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे और बातचीत की आवश्यकता है, और दोनों पक्ष निकट भविष्य में फिर मिलने पर सहमत हो गए हैं।
यह बैठक दो घंटे से अधिक चली, जिसमें अमेरिका की ओर से मध्य पूर्व के राजदूत स्टीव विटकॉफ ने भाग लिया। वार्ता के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर समझौता इतनी जल्दी नहीं हो सकता, क्योंकि यह विषय अत्यंत जटिल और संवेदनशील है।
अराघची ने इस बातचीत को अब तक का सबसे पेशेवर और गहन दौर बताया। उन्होंने वार्ता की मेजबानी के लिए इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि इस्लामी गणराज्य ईरान के सैद्धांतिक दृष्टिकोण को समझने के बाद अमेरिका एक व्यावहारिक रुख अपनाएगा, जिससे आगे ठोस प्रगति संभव हो सकेगी।
यद्यपि यह दौर निर्णायक नहीं रहा, लेकिन दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता से यह संकेत मिलता है कि संवाद की प्रक्रिया जारी रहेगी।
