मैसाचुसेट्स की एक अमेरिकी अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के उस आदेश पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है, जिसके तहत हार्वर्ड विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के नामांकन को बाधित करने का प्रयास किया गया था। इस आदेश में विश्वविद्यालय को छात्र और विनिमय आगंतुक सूचना प्रणाली (SEVIS) के उपयोग से वंचित करने की बात कही गई थी, जिससे विदेशी छात्रों के वीजा और नामांकन प्रभावित हो सकते थे।
अदालत का यह निर्णय उस समय आया है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आइवी लीग संस्थानों, विशेष रूप से हार्वर्ड विश्वविद्यालय, के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया हुआ है। ट्रम्प प्रशासन के निर्देश पर अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) ने हार्वर्ड के प्रमाणीकरण को रद्द करने की कार्रवाई की थी, जिससे विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय छात्रों के भविष्य पर संकट मंडराने लगा था।
हालांकि अदालत के इस अस्थायी निर्णय से फिलहाल छात्रों को राहत मिली है और हार्वर्ड विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय छात्रों का नामांकन जारी रखने की अनुमति दी गई है। मामले की अगली सुनवाई में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
