रूस और यूक्रेन ने अपने तीन साल लंबे संघर्ष के दौरान अब तक की सबसे बड़ी युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। यह महत्वपूर्ण समझौता तुर्की के इस्तांबुल स्थित डोलमाबाचे पैलेस में हुई एक शांति वार्ता के दौरान हुआ, जो दोनों देशों के बीच तीन वर्षों में पहली प्रत्यक्ष बातचीत थी।
वार्ता में यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रक्षा मंत्री रुस्तम उमरोव ने किया, जबकि रूसी पक्ष की अगुवाई क्रेमलिन सहयोगी व्लादिमीर मेडिंस्की ने की। इस बैठक में न तो यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और न ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मौजूद थे।
बैठक के बाद, उमरोव ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि दोनों पक्ष 1,000 युद्धबंदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए हैं और इसे वार्ता का मुख्य परिणाम बताया। रूसी प्रतिनिधिमंडल प्रमुख मेडिंस्की ने भी बैठक के नतीजों पर संतोष जताया और कहा कि वार्ता जारी रखी जाएगी।
तुर्की के विदेश मंत्री हकन फ़िदान ने इस वार्ता की मध्यस्थता की। यदि यह कैदी अदला-बदली सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह फरवरी 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक की सबसे बड़ी मानवीय पहल होगी।
इस बीच, अल्बानिया में एक यूरोपीय बैठक में बोलते हुए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा कि यदि वार्ता में वास्तविक प्रगति नहीं होती है, तो रूस पर अधिक प्रतिबंधों और दबाव की ज़रूरत होगी।
