यरुशलम, 27 जनवरी (हि. स.)। फिलिस्तीन के कब्जे वाले वेस्ट बैंक के शरणार्थी शिविर पर इजरायली हमले के बाद तनाव बढ़ गया है। इस हमले में सात आतंकवादियों व एक महिला सहित नौ की लोगों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे। इजरायल के हमले के बाद गाजा के उग्रवादियों ने रॉकेट दागे। जवाबी कार्रवाई में इजरायल ने शुक्रवार को हवाई हमले किए। इस साल अब तक 30 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं।
इस इलाके में दो दशकों में सबसे घातक यह हमला था। इलाके क्षेत्र में हिंसा भड़कना इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की दक्षिणपंथी सरकार के लिए चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की अगले सप्ताह इस क्षेत्र की संभावित यात्रा है। ऐसे में हुई इस घटना का असर पड़त सकता है। सेना ने कहा कि इजरायल पर दागे गए पांच रॉकेटों में से तीन को इंटरसेप्ट करके पहले ही रोक दिया गया था। एक रॉकेट खुले क्षेत्र में गिरा और दूसरा गाजा के भीतर गिरा। इसने कहा कि हवाई हमले हमास के साथ-साथ उग्रवादी प्रशिक्षण क्षेत्रों के लिए एक भूमिगत रॉकेट निर्माण स्थल को लक्षित करते हैं। रॉकेटों से दक्षिणी इजरायल में हवाई हमले के सायरन बजाए गए। मगर, दोनों ओर से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। गुरुवार को हुई गोलीबारी में नौ लोग मारे गए और 20 घायल हो गए। इजरायल की सेना ने जेनिन कैंप में ऑपरेशन किया था। इसमें कहा गया था कि यह इजरायलियों पर एक होने वाले एक हमले को रोकने के लिए किया गया था। बताते चलें कि वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में पिछले साल लगभग 150 फिलिस्तीनी मारे गए थे। साल 2004 के बाद से उन क्षेत्रों में 2022 सबसे घातक रहा है।
