अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में उसके साथ सीधी बातचीत करेगा। उन्होंने तेहरान को चेतावनी भी दी, जिसमें कहा गया कि अगर वार्ता विफल हो जाती है तो उसे काफी खतरे का सामना करना पड़ेगा। कल ओवल ऑफिस में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बात करते हुए ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि शनिवार को वार्ता शुरू होगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने वार्ता को "स्पष्ट" कहे जाने वाले से बचने का प्रयास बताया, जो संभवतः ईरान की परमाणु सुविधाओं के खिलाफ संभावित अमेरिकी या इजरायली सैन्य कार्रवाई का संदर्भ था।
अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रम्प ने ईरान के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था, जिस पर राष्ट्रपति बराक ओबामा के प्रशासन के दौरान बातचीत हुई थी।
अमेरिका और ईरान के बीच 1980 के बाद से कोई प्रत्यक्ष राजनयिक संबंध नहीं हैं, जब ईरानी क्रांतिकारियों द्वारा तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर हमला करने और 53 राजनयिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाये रखने के बाद संबंध टूट गये थे।
