शनिवार को जर्मनी के म्यूनिख में ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई, जिसमें यूक्रेन में स्थायी शांति लाने के प्रयासों पर चर्चा की गई। इस बैठक में ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि भी शामिल थे, जिन्होंने शांति के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। यह G7 विदेश मंत्रियों की पहली बैठक थी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद आयोजित हुई। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा भी इस वार्ता का हिस्सा बने।
मंत्रियों ने यूक्रेन, मध्य पूर्व और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा की। एक संयुक्त बयान में उन्होंने कहा कि वे एक मजबूत और शांतिपूर्ण यूक्रेन की आकांक्षा रखते हैं और रूस से युद्ध समाप्त करने तथा यूक्रेन की स्वतंत्रता का सम्मान करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
जी-7 ने रूस को युद्ध में इस्तेमाल होने वाले सामग्री की आपूर्ति करने के लिए चीन की निंदा की और रूस को सैन्य सहायता देने के लिए उत्तर कोरिया और ईरान की भी आलोचना की।
