अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच विशेष संबंध हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी और उनके बीच ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत अमेरिका भारत को तेल और प्राकृतिक गैस का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनने में सक्षम होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि अमेरिकी परमाणु उद्योग में अभूतपूर्व विकास हो रहा है, और भारत इसके लिए अपने कानूनों में सुधार कर रहा है, जिससे अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी भारतीय बाजार में अधिक प्रभावी हो सके। इसके अलावा, दोनों देश भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के निर्माण में सहयोग करने पर सहमत हुए।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका, भारत को एफ-35 स्टेल्थ लड़ाकू विमान देने का रास्ता तैयार कर रहा है। इसके साथ ही, भारत और अमेरिका कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद से निपटने के लिए एक साथ काम करने पर सहमत हुए।
इससे पहले, दोनों नेताओं ने व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वे और राष्ट्रपति ट्रंप भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते रहेंगे। मोदी ने ट्रंप के नेतृत्व में संबंधों को मजबूत बनाने के प्रयासों की सराहना की और उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत पर बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने टेक्सास में हाउडी मोदी और गुजरात में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रमों का जिक्र किया और कहा कि भारत के लोग उन्हें लगातार तीसरी बार सेवा का मौका देने के लिए आभारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रंप राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च मानते हैं, और दोनों देश मिलकर प्रगति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
प्रधानमंत्री ने इस बात की खुशी जताई कि ट्रंप ने रूस-यूक्रेन विवाद में शांति की पहल की है। उन्होंने कहा कि भारत इस मुद्दे पर तटस्थ नहीं है, बल्कि वह शांति के पक्ष में है। यह प्रधानमंत्री मोदी की राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के उद्घाटन के बाद की पहली अमेरिका यात्रा थी।
