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Health & Food

सुबह के नाश्ते में ले रहे हैं डोसा

Date : 14-Apr-2026

  सुबह-सुबह शरीर के लिए जितना जरूरी व्यायाम करना होता है, उतना ही जरूरी नाश्ता भी होता है, लेकिन लोग इसे अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं और इसकी जगह हाई कैफीन ड्रिंक्स जैसे कॉफी को दे देते हैं, जो कि सेहत के लिए फायदेमंद नहीं होता. शरीर को  productive बनाने के लिए सिर्फ mentally ही नहीं, physically fit रखना भी जरूरी है और सुबह का नाश्ता इसका सबसे बड़ा स्रोत होता है.


डोसा एक ऐसा स्टेपल फूड बनता जा रहा है, जो सिर्फ साउथ ही नहीं बल्कि नॉर्दर्न पार्ट में भी काफी पसंद किया जा रहा है. लोग इसे नाश्ते के रूप में काफी पसंद कर रहे हैं, पर क्या सुबह-सुबह डोसे खाना  हानिकारक तो नहीं? आइए जानते हैं सेलिब्रिटी फिटनेस ट्रेनर, सिद्धार्थ सिंह की राय.

क्यों है डोसा इतनी चर्चे में?

हाल में ही सिद्धार्थ सिंह ने इंस्टाग्राम पर एक रील के माध्यम से बताया कि "अगर आप वजन घटाना चाहते हैं तो डोसे का सेवन रोक दें". पर उन्होंने ऐसा डोसे को हानिकारक नहीं बल्कि अधुरा बताने के मकसद से कहा. "डोसा चावल से बनता है और सांभर भी तो एक प्रकार की दाल होती है. इसमें हानिकारक जैसा कुछ नहीं होता, दिक्कत यहां पर दोबारा लगने वाली भूख से है."

दोबारा लगती है भूख

डोसा सिर्फ चावल और दाल से बनता है, जो हल्का होने के कारण जल्दी पच जाता है, लेकिन इसकी एक कमी यह है कि इसे खाने के तुरंत बाद भूख लग जाती है और समस्या यहीं से शुरू होती है. सिद्धार्थ ने आगे बताया कि "डोसा खाने के 1 घंटे बाद ही आपको दोबारा भूख लगने लगती है और उसे मिटाने के लिए आप दोबारा खाते हैं, जो आपकी कैलोरी इनटेक बढ़ा देती है". आसान शब्दों में कहें तो डोसा नहीं बल्कि उसके बाद लिया जाने वाला भोजन वजन बढ़ने का कारण बनता है.

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