सीमावर्ती क्षेत्र की गोपनीय सूचना भिजवाने वाले आईएसआई के दो एजेंट गिरफ्तार
जयपुर, 31 मार्च । सीमावर्ती क्षेत्र बाड़मेर से पाकिस्तान में सामरिक महत्व की गोपनीय सूचना भिजवाने वाले आईएसआई के दो स्थानीय एजेंट गिरफ्तार किए गए हैं और साथ ही इन लोगों के खिलाफ इंटेलिजेंस की ओर से दो मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक पुलिस (इंटेलिजेंस) एस सेंगाथिर ने बताया कि राजस्थान सीआईडी इंटेलीजेंस द्वारा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर से राजस्थान में की जाने वाली जासूसी गतिविधियों की सतत निगरानी की जाती है। इसी निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि सीमावर्ती क्षेत्र बाड़मेर में लंगो की ढाणी धारवी कलां निवासी रतन खान (52) व चिमाणियों की ढाणी शोभाला जेतमाल निवासी पारुराम (34) को सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से निरन्तर संपर्क में है। इस पर सीआईडी इंटेलीजेंस जयपुर द्वारा उक्त व्यक्तियों की गतिविधियों पर लगातार सतत निगरानी आरम्भ की गई। इन संदिग्धों को जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाये जाने पर कार्रवाई कर पूछताछ शुरू की गई। केंद्रीय पूछताछ केन्द्र जयपुर पर सभी एजेंसियों द्वारा पूछताछ करने पर सामने आया कि रतन खान वर्ष 2012 से नियमित रूप से पाकिस्तान में रह रहे अपने रिश्तेदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान जाता रहता है। पाकिस्तान प्रवास के दौरान पाकिस्तानी आसूचना एजेंसियों के सम्पर्क में रहकर सीमावर्ती क्षेत्रों की गोपनीय सूचनाएं अपने मोबाइल फोन से तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से भेजने की ट्रेनिंग प्राप्त की थी। पाकिस्तान में ट्रेनिंग प्राप्त कर भारत आने के पश्चात धनराशि के प्रलोभन में पाक हैंण्डलर के चाहे जाने पर प्रतिबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों की फोटोग्राफी,वीडियो, लोकेशन आदि गोपनीय सूचनाएं पाक हैंण्डलर को अपने मोबाइल फोन से तैयार कर वाट्सएप द्वारा उपलब्ध करवा रहा था तथा पाकिस्तान के हैण्डलर से लगातार संपर्क में था।
इसी प्रकार बॉर्डर होमगार्ड में गार्ड मैन के पद पर पदस्थापित पारूराम द्वारा नागाणा कवास (बाडमेर) स्थित मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल मे सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हुए टर्मिनल व उसके आसपास स्थित अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों के फोटोग्राफ्स वीडियो एवं लोकेशन आदि महत्वपूर्ण व गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी की महिला हैंण्डलर के संपर्क में रहते हुए हनीट्रैप व धनराशि के प्रलोभन में आकर अपने मोबाइल फोन से तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध करवा रहा था। इसकी एवज में पारूराम को कई बार पाक हैण्डलर द्वारा पैसे का भुगतान भी किया गया। दोनों ही आरोपितों से की गई पूछताछ एवं तकनीकी अनुसंधान से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर स्थानीय एजेंट के तौर पर कार्य करते हुए बाड़मेर के सीमावर्ती क्षेत्र के प्रतिबंधित स्थानों की फोटोग्राफी वीडियो, लोकेशन एवं सामरिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं आदि भेजने व उसके एवज में धनराशि प्राप्त करने की पुष्टि होने पर आरोपितों के विरुद्ध शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया किया गया है। दोनों मामलों में आरोपितों से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
