देहरादून, 01 नवंबर केन्द्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री ने कहा कि देश को विकसित करने से पहले गांव को विकसित करना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व वाली सरकार पंचायतों को मॉडल बनाने के लिए डिजिटलाइजेशन कार्य को बढ़ावा दे रही है।
बुधवार को राजपुर रोड स्थित एक होटल में केन्द्रीय पंचायतीराज राज्य मंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल ने पंचायतीराज एवं ग्राम्य विकास मंत्रालय द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा की। केन्द्रीय मंत्री ने बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि लगभग चार घंटे तक राज्य में केन्द्र की संचालित योजनाओं को राज्य में क्रियान्वन को लेकर जानकारी ली गई। कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में कमियां पाई गई। उसके लिए राज्य सरकार के सचिव को आदेश दिए गए है कि जल्द से जल्द इन योजनाएं के कार्यों में तेजी लाई जाए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का संकल्प है कि देश को विकसित के लिए गांव को विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज का उदाहरण देते हुए उत्तराखंड में मॉडल ग्राम पंचायत बनाने का आह्वान किया। गांव के विकास के लिए केन्द्र और राज्य ने योजनाओं बनाई है इन सभी योजनाओं का समय से क्रियान्वयन हो। उन्होंने बताया कि स्वामित्व योजना में राज्य में अच्छा काम किया है।
उन्होंने कहा कि सही मायने में पंचायतों को मुख्य धारा में लाने का केन्द्र सरकार काम कर रही है। इसके लिए पंचायतों को डिजिटाइलेशन के लिए काम किया जा रहा है। अब तक दो लाख से ज्यादा पंचायतों ने डिजिटल होने का फायदा उठाया है। देवभूमि में चारधाम के लिए अधिकाधिक संख्या में लोग आते हैं। धार्मिक के अलावा पर्यटन के लिए विभाग से और क्या किया जा सकता है इस पर की गई है।
उन्होंने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में क्लस्टर आधारित अवधारणा को अपनाने से पंचायतें कम लागत में अधिक कार्य करा सकती हैं। पंचायत विकास सूचकांक को मंत्रालय की विशिष्ट उपलब्धि बताते हुए कहा कि पंचायत विकास सूचकांक ग्राम पंचायत के दर्पण के रूप में कार्य करेगा जिससे वह अपनी स्थिति का आंकलन कर सकेंगे। साथ ही ग्राम पंचायत अन्तर्गत विभिन्न विभाग भी अपने लक्ष्यों एवं उनकी पूर्ति के सम्बन्ध में अपना आंकलन कर सकेंगे।
पंचायतों में जल भंडारण क्षमता पर किया जा रहा कार्य-
बैठक में सचिव पंचायतीराज हरिचन्द्र सेमवाल की ओर से केंद्रीय मंत्री को राज्य में संचालित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, 15 वां वित्त आयोग, ग्राम पंचायत विकास योजना,ई-ग्राम स्वराज, पंचायत विकास सूचकांक,स्वामित्व योजना आदि समस्त योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गयी। बताया गया कि 15 वें वित्त के टाइड फण्ड की ओर से पंचायतों में जल भंडारण क्षमता बढ़ाने और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में प्राकृतिक धारों एवं नौलों का जीर्णोद्धार, पेयजल पम्पिंग योजना,कुंओं का पुनर्रोद्धार, हैण्ड पम्प, वॉटर कूलर आदि लगाये जा रहे हैं। साथ ही, सभी पंचायतों में कूड़ा पृथक्करण केन्द्र बनाये गये हैं। क्षेत्र पंचायतों के माध्यम से पंचायतों की ओर से संग्रहित प्लास्टिक अपशिष्ट एवं अन्य अजैविक कूड़े को विकास खण्ड स्तर पर जिला पंचायतों की ओर से स्थापित कॉम्पेक्टरों तक पहुंचाया जा रहा है।
15 वें वित्त आयोग के अनटाइड फण्ड राज्य वित्त आयोग एवं स्वयं के राजस्व स्रोतों (ओएसआर) के अभिसरण से विभिन्न कार्य जैसे कि बारात घर निर्माण, पंचायत भवन मरम्मत, पुस्तकालय स्थापना, सोलर स्ट्रीट लाईट स्थापना आदि कार्य कराए जा रहे हैं। सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के क्रम में विभिन्न 9 थीमों की प्राप्ति हेतु अभिनव प्रयोग करते हुए कई पंचायतों द्वारा कम लागत तथा बिना लागत के कार्य भी कराये जा रहे हैं। स्वामित्व योजना का कार्य समस्त लक्षित ग्रामों में पूर्ण किया जा चुका है। पंचायत विकास सूचकांक के संदर्भ में राज्य एवं जनपद स्तर पर तैयारी कर ली गयी है। ई ग्राम स्वराज के अन्तर्गत सभी पंचायतें ऑनबोर्ड हो गयी हैं। सभी पंचायतों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से ही भुगतान किया जा रहा है। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के सम्बन्ध में मंत्री को अवगत कराया गया कि वर्षाकाल में अपेक्षित प्रगति प्राप्त नहीं की जा सकी है, आगामी महीनों में विशेष ध्यान केन्द्रित करते हुए समुचित प्रगति प्राप्त की जा सकेगी।
पीएमएवाय-जी कार्य पूरा करने का लक्ष्य 2024-
ग्राम्य विकास विभाग की ओर से मुख्य विकास अधिकारी झरना कमठान ने प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि राज्य में ग्राम्य विकास विभाग की मनरेगा योजना अंतर्गत लक्ष्य से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण कराया गया। इन्हें आजीविका से भी जोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त मेरा गांव मेरी सडक,नर्सरी स्थापना,आजीविका पैकेज मॉडल आदि योजनाएं भी संचालित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाय-जी)के लक्ष्य फरवरी,2024 तक पूरा कर लिए जाएंगे।
प्रस्तुतिकरण में मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना,मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना,मिलेट बेकरी, ग्रोथ सेंटर्स, बैंक सखी, डिजि सखी आदि नवोन्मेषी योजनाओं के विषय में भी अवगत कराया गया।
बैठक में अपर सचिव पंचायतीराज आलोक कुमार पाण्डेय, निदेशक पंचायतीराज निधि यादव, मुख्य विकास अधिकारी सहित पंचायतीराज,ग्राम्य विकास, नियोजन और महिला व बाल विकास विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।