नेपाल को तातोपानी क्रॉसिंग पाइंट के जरिये चीन के लिए निर्यात का अब भी इंतजार
काठमांडू, 31 मार्च चीन के साथ नेपाल के मुख्य व्यापारिक बंदरगाह तातोपानी पर चीन से आयात में मामूली वृद्धि देखी गई है लेकिन नेपाल से चीन को निर्यात अब भी ठप है। चीन के सख्त प्रतिबंधों के बीच वहां से नेपाल में माल की आवक शुरू हो गई है लेकिन उसने नेपाल से चीन को निर्यात की अनुमति नहीं दी है।
सिंधुपालचौक जिले के तातोपानी सीमा शुल्क कार्यालय के अनुसार हर दिन चीन से 10 कंटेनर आ रहे हैं। तातोपानी कस्टम्स के प्रमुख दयानंद केसी ने बताया कि आयात थोड़ा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि 80 फीसदी सेब और लहसुन का आयात किया जा रहा है।
वर्ष 2015 में नेपाल में आए भूकंप के बाद चीन द्वारा तातोपानी क्रॉसिंग बंद कर दी गई थी। तमाम कोशिश के बावजूद नेपाली पक्ष ने कोविड के खतरे का हवाला देते हुए सीमा खोलने से इनकार कर दिया था। हाल ही में चीन ने अपने देश से नेपाल को आयात की अनुमति तो दे दी है लेकिन नेपाल को चीन के लिए निर्यात की अनुमति नहीं दी गई है।
हाल ही में नेपाली पक्ष ने ल्हासा में वाणिज्य सचिव स्तर की बैठक में तातोपानी सीमा को निर्यात के लिए खोलने का प्रस्ताव दिया था लेकिन चीन ने अभी तक इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
पूर्व में नेपाली तातोपानी सीमा पार से सामान खरीदने के लिए खासा बाजार जाते थे। अब वहां जाना प्रतिबंधित कर दिया गया है। तातोपानी सीमा शुल्क कार्यालय के प्रमुख दयानिधि केसी ने खुलासा किया कि 1 मई से नेपालियों को एक निश्चित किलोमीटर तक जाने की अनुमति देने के लिए रसुवा जिले के केरुंग नाका की ओर एक और क्रॉसिंग पॉइंट खोला जाएगा।
चीन ने तातोपानी क्रॉसिंग से नेपाली कंटेनरों पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहां से सिर्फ चीनी कंटेनर ही नेपाल में प्रवेश कर सकते हैं। सीमा पर नेपाल को केवल एकतरफा आयात की अनुमति है यानी चीन ने सीमा पर केवल अपने कंटेनरों को निर्यात करने की अनुमति दी है।
