पाकिस्तानी अखबारों सेः आईएमएफ समझौते पर जारी असमंजस को प्रमुखता
नई दिल्ली, 15 जून । पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान से गुरुवार को ज्यादातर अखबारों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के जरिए आईएमएफ के साथ जल्द समझौता होने की संभावना व्यक्त किए जाने को प्रमुखता से छापा है। उन्होंने कहा कि साजिश और झूठा प्रोपेगेंडा हो तो कौन निवेश करेगा? रूसी तेल हम 15 डॉलर सस्ता लाए हैं। करप्शन के सबूत लाएं या मुंह बंद रखें। जाली कागज लहरा कर साइफर का नाम दिया गया।
दूसरी तरफ अखबारों ने मूडीज का एक बयान छापा है जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को आईएमएफ से 6.7 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज मिलने की संभावनाएं कम हो गई हैं। देश के दिवालिया होने का खतरा बढ़ जाएगा। अखबारों ने आईएमएफ एग्जिक्यूटिव बोर्ड की बैठक का नया शेड्यूल जारी होने की खबरें देते हुए बताएं इसमें पाकिस्तान का नाम शामिल नहीं है।
इस बीच वित्त राज्यमंत्री आयशा गौस का एक बयान भी सुर्खियों में है जिसमें उन्होंने कहा है कि बजट पर आईएमएफ ने कुछ सवाल खड़े किए हैं और स्पष्टीकरण मांगा है। टैक्स और खर्च पर चिंता जताई है। आईएमएफ मिशन के चीफ से वर्चुअल बातचीत हुई है और बजट पर चर्चा की गई है।
अखबारों ने अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों द्वारा अमेरिका से पाकिस्तान को आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की मदद उपलब्ध कराने में सहयोग करने की मांग की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने वर्ल्ड बैंक से पाकिस्तान को 20 करोड़ डॉलर और फ्रांस से 18 करोड़ यूरो बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए मिलने की संभावना की खबरें भी दी हैं। अखबारों ने आजरबाइजान से एलएनजी खरीदने के लिए समझौता करने की मंजूरी मिलने की खबरें भी दी है।
सरहद इस पार की खबरों में मणिपुर में हिंदुओं और ईसाइयों के बीच झड़प में 13 अन्य लोगों के मारे जाने की खबर है। अखबारों ने लिखा है कि सेना की मौजूदगी में घरों पर हमले करने की खबरें हैं। मौत का आंकड़ा बढ़ने की संभावना जताई गई है। उधर राजस्थान के मेघवाल में मीरा कुमारी नामक एक सरकारी महिला अधिकारी द्वारा तबादला नहीं होने पर सरकारी घर के पीछे पंखे से लटक कर खुदकुशी करने की खबर भी छपी दी है। यह सभी खबरें रोजनामा पाकिस्तान, रोजनामा नवाएवक्त, रोजनामा खबरें, रोजनामा दुनिया, रोजनामा एक्सप्रेस, रोजनामा जंग और रोजनामा औसाफ आदि ने अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित की हैं।
रोजनामा नवाएवक्त ने भारत सरकार द्वारा ऑल पार्टी हुरिर्यत कॉन्फ्रेंस पर पाबंदी लगाने का फैसला लिए जाने की खबर को महत्व दिया है। इसके अलावा अखबार ने जिला पूंछ में एक व्यक्ति को यूएपीए के तहत गिरफ्तार करने और सोपोर में पानी नहीं मिलने पर लोगों के सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन किए जाने की भी खबर है।
रोजनामा जंग ने एक खबर दी है जिसमें बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से पहले अमेरिकी प्रशासन भारत पर दबाव डाला डाल रहा है कि वह अमरीकी कंपनियों के ड्रोन खरीदने पर लगी पाबंदी को वापस ले। भारत ने अमेरिका से बड़े ड्रोन खरीदने में दिलचस्पी व्यक्त की है। लेकिन इसके लिए लाल डोरा अड़चन डाल रहा है। अमेरिका ने भारत से लाल डोरा खत्म करने की मांग की है। यह समझौता दो अरब डॉलर से लेकर तीन अरब डॉलर तक हो सकता है।
