संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने "मुक्ति दिवस" के तहत पारस्परिक टैरिफ लागू करने की अवधि 9 जुलाई से बढ़ाकर 1 अगस्त कर दी है। इससे प्रभावित देशों को अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौतों को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मिला है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2 अप्रैल को कई देशों, जिनमें भारत भी शामिल था, को लक्षित करते हुए ये टैरिफ लागू करने की घोषणा की थी, लेकिन उनका प्रवर्तन 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया गया था। अब 14 देशों पर नई टैरिफ दरें 1 अगस्त से लागू होंगी।
घोषणा के अनुसार, मलेशिया, ट्यूनीशिया और कजाकिस्तान से आयातित सामानों पर 25%, दक्षिण अफ्रीका और बोस्निया-हरजेगोविना से 30%, इंडोनेशिया से 32%, सर्बिया और बांग्लादेश से 35%, कंबोडिया और थाईलैंड से 36%, तथा लाओस और म्यांमार से 40% टैरिफ लगाए जाएंगे। ये दरें जापान और दक्षिण कोरिया से पहले घोषित 25% टैरिफ के अतिरिक्त हैं।
ट्रम्प ने प्रभावित देशों के नेताओं को लिखे पत्र में चेतावनी दी है कि किसी भी जवाबी टैरिफ के खिलाफ अमेरिका और अधिक आयात शुल्क बढ़ा सकता है। ये टैरिफ उपाय अमेरिका के व्यापार असंतुलन को सुधारने और "अधिक निष्पक्ष एवं संतुलित" व्यापार संबंध स्थापित करने के लिए उठाए गए कदम हैं।